दिव्यांगजनों के फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की जांच एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिये स्वास्थ्य मंत्री ने की उच्च स्तरीय बैठक.

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रायपुर छत्तीसगढ़ 20.8.2026

दिव्यांग संगठनों ने लोकेश कवाड़िया से मिलकर जताया आभाररायपुर। दिव्यांगजनों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन आखिरकार सकारात्मक पहल के बाद समाप्त हो गया। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया ने दिव्यांगजनों की समस्याओं को लेकर शासन स्तर पर प्रभावी पहल की, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।दिव्यांगजन अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से हड़ताल पर बैठे थे।

दिव्यांगजनों की मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री की पहल, फर्जी प्रमाण-पत्रों की जांच और UDID कार्ड को लेकर बनी सहमति.

उनकी मांगों के संबंध में उच्च स्तर पर कोई चर्चा नहीं होने से आंदोलन जारी था। इसी बीच छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष बनने के बाद लोकेश कवाड़िया धरना स्थल पर पहुंचे और दिव्यांगजनों से उनकी समस्याओं को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श किया। उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दिव्यांगजनों की हड़ताल समाप्त हुई। सभी पात्र दिव्यांगजनों को UDID कार्ड देने की योजना लोकेश कवाड़िया ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ लगातार बैठकें कर दिव्यांगजनों की जनसंख्या के अनुरूप सभी पात्र दिव्यांगजनों को UDID कार्ड उपलब्ध कराने के लिए परियोजना तैयार करने पर सहमति बनाई है।

इस कार्य के लिए छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

UDID कार्ड दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है। इसके माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होती है।*फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की जांच का मुद्दा भी उठा*बैठक में दिव्यांग अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा भी सामने आया। विभिन्न दिव्यांग संघों ने लोकेश कवाड़िया से संपर्क कर बताया कि कुछ लोगों द्वारा दिव्यांग अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर शासकीय रोजगार एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लिया जा रहा है।इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकेश कवाड़िया ने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्रों के कारण वास्तविक दिव्यांगजनों के अधिकार प्रभावित होने की आशंका को भी सामने रखा।

संभाग स्तर के मेडिकल बोर्ड से होगी जांच

मामले में स्वास्थ्य मंत्री की ओर से अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संभाग स्तर के मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।स्वास्थ्य मंत्री की इस पहल को राज्य के दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील कदम बताया गया है। इससे फर्जी प्रमाण-पत्रों की पहचान करने और वास्तविक पात्र दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।*दिव्यांग संगठनों ने लोकेश कवाड़िया का जताया आभार*स्वास्थ्य मंत्री की पहल और शासन स्तर पर कार्रवाई की दिशा में बढ़े कदम का दिव्यांग संगठनों ने स्वागत किया है। संगठनों ने इस मामले को प्राथमिकता से उठाने और समाधान की दिशा में पहल करने के लिए लोकेश कवाड़िया का आभार जताया।दिव्यांगजनों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर हुई इस पहल से अब उनके अधिकारों, UDID कार्ड की उपलब्धता और दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की जांच व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।

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