अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे

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fourth pillars news update 21.10.2026


अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद हैं। रुबियो की इस यात्रा में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते और रूस से तेल खरीदने का मुद्दा अहम एजेंडे में शामिल है। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों और रणनीतिक सहयोग को लेकर चर्चा पर नजर रहेगी।

मंगलवार को रुबियो के मुंबई पहुंचने की खबर के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज है। रुबियो ने इससे पहले संकेत दिया था कि समझौता अंतिम चरण के करीब है।

भारत दौरे से पहले रुबियो ने कहा, ‘हम इस समय भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं।’ इस साल रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा है। अमेरिकी विदेश मंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के संबंधों में लगातार तनाव बना हुआ है। इससे पहले मई में अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी तथा ‘क्वाड’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था।

मंगलवार दोपहर मुंबई में जयशंकर और रुबियो के बीच होने वाली बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

जयशंकर से मुलाकात के अलावा रुबियो का मुंबई में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करने का भी कार्यक्रम है। इस हमले में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। अमेरिका के शीर्ष राजनयिक अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘चर्चा में ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख पहलुओं को शामिल किए जाने की उम्मीद है।’ अपनी इस यात्रा से पहले रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘‘बेहद करीब’’ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा शुल्क में छूट देने का फैसला इसी से जुड़ा है।

सोर्स : नवभारत टाइम्स.कॉम



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