फ्रांस में अराजक हालात, हिंसा और आगजनी की चपेट में पूरा देश, पेरिस में जंग जैसे हालात

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4th पिलर्स न्यूज़ / सोमवार / 19 अक्टूबर 26

फ्रांस में अराजक हालात, हिंसा और आगजनी की चपेट में पूरा देश, पेरिस में जंग जैसे हालात स्कूलों की बदहाली और महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन पूरी तरह अराजक हो गया है। शनिवार को प्रदर्शनों के दौरान जमकर हिंसा हुई। राजधानी और दूसरे इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक इमारतों में आग लगा दी और दुकानों में लूटपाट की। देश भर में अलग-अलग इलाकों में 5 लाख से ज्यादा लोग इन प्रदर्शनों में शामिल हुए। 1200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा में शामिल उपद्रवियों को सजा देने की कसम खाई है।

राजधानी पेरिस में 1 लाख 10 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पेरिस के कई इलाकों में जंग जैसे हालात नजर आ रहे थे। पेरिस में शाम तक दंगा-रोधी पुलिस के साथ लोगों की तीखी झड़पें हुईं।

पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। सबसे चौंकाने वाला नजारा लिमोगेस शहर में जहां प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक टाउन हाल में आग लगा दी। फुटेज में मशहूर इमारत आग की लपटों और धुएं में घिरी नजर आ रही है। इस दौरान उसका सबसे ऊपरी हिस्सा बिखरकर गिर जाता है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि छत ढहकर निचली मंजिलों पर आ गिरी, जिससे इमारत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा गायब हो गया। इसके अलावा कई शहरों में लूटपाट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों, दोनों तरफ से दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री सेबेस्टिन लेकोर्नू ने बताया कि 150 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। वहीं, फ्रांस के दक्षिणी शहर सेंट एटियन में ग्रेनेड की चपेट में आने से प्रदर्शन कर रहे एक व्यक्ति का हाथ उड़ गया।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेरिस में दोपहर के समय मुख्य काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने आग लगा दी और वाहनों को जला दिया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उन लोगों को सजा दिलाने की कसम खाई है, जिन्होंने प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया या दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की। मैक्रों ने कहा, जिन लोगों ने तोड़फोड़ की, प्रशासनिक कार्यालयों या व्यवसायों पर हमले किए या लूटपाटी की, उन पर मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी।

पूरे फ्रांस में कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। इनमें ग्रेनोबल, एविग्नन, पाउ, मोंटपेलियर और वैलेंस जैसे शहर शामिल हैं। सोर्स : नवभारत टाइम्स.कॉम



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