प्रधानमंत्री ने विभाजनकारी तत्वों को परास्त कर एकजुट रहने की अपील की

Spread the love

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ स्‍वाभिमान पर्व केवल ऐतिहासिक गौरव का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सोमनाथ मंदिर यात्रा से परिचित कराने का अवसर भी है। श्री मोदी ने कहा कि यह पर्व अटूट आस्था और समर्पण का पर्व है। प्रधानमंत्री ने विभाजनकारी तत्वों को परास्त करने के लिए देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है।
वो ताकतें मौजूद हैं, पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्‍होंने सोमनाथ पुर्ननिर्माण का विरोध किया, और इसलिए हमें ज्‍यादा सावधान रहना है। हमें, खुद को शक्तिशाली बनाना है, एकजुट रहना है। ऐसी हर ताकत को हराना है जो हमें बांटने की साजिश रच रही है।

प्रधानमंत्री ने आज गुजरात में प्रभास पाटन में श्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की भव्य शौर्य यात्रा का नेतृत्व
किया।

श्री मोदी ने कहा कि यह पर्व केवल ऐतिहासिक वैभव का प्रतीक नहीं, बल्कि यह सोमनाथ मंदिर की अनंत यात्रा को भावी पीढियों तक पहुंचाने का अवसर भी है।

उन्‍होंने कहा कि सोमनाथ की रक्षा करने वाले अनगिनत योद्धाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। एक हजार साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्‍वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है। प्रभास पाटन तीर्थ की मिट्टी का कण-कण, शौर्य, पराक्रम और वीरता का साक्षी है। सोमनाथ के इस स्‍वरूप के लिए कितने ही शिव भक्‍तों ने, संस्‍कृति के उपासकों ने, संस्‍कृति के ध्‍वज धारकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सभ्यता हमें दूसरों को परास्त करना नहीं, बल्कि संतुलित जीना जीवना सिखाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सोमनाथ घृणा या विध्वंस का नहीं, बल्कि प्रेम का संदेश देता है।

प्रधानमंत्री ने कहा गज़नी से लेकर औरंगज़ेब तक ने सोमनाथ मंदिर पर हमले किए लेकिन सोमनाथ मंदिर अक्षुण्ण रहा और कई बार इसका पुनर्निर्माण किया गया।

उन्होंने कहा कि इस धार्मिक उन्माद को महज लूट बताने की कोशिश की गई और मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को इतिहास में जगह नहीं दी गई।आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों और राजनेताओं द्वारा वाईटवॉश करने की कोशिश की गई। मजहबी उन्‍माद की मानसिकता को केवल साधारण लूट बताकर किताबे लिखी गई। सोमनाथ मंदिर एक बार नही, बार-बार तोडा गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *