पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता ही प्रभावी समाधान.

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डॉ. गोवर्धन व्यास

भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू (मध्यप्रदेश) में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित द्विदिवसीय कार्यक्रम का समापन प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. गोवर्धन व्यास के प्रेरणादायी विज्ञान संवाद के साथ सम्पन्न हुआ। महाविद्यालय की एनसीसी इकाई, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), वनस्पति विज्ञान एवं प्राणीशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस ऑनलाइन विज्ञान संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय जे. योगानन्दम् छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने “पर्यावरणीय संकट एवं हमारी जिम्मेदारी” विषय पर विचार व्यक्त किए।

अपने संबोधन में डॉ. व्यास ने कहा कि वैश्विक तापवृद्धि, जैव विविधता में निरंतर हो रही कमी, जल एवं वायु प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन ने मानव सभ्यता के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीतियों और सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी ही इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, एकल-उपयोग प्लास्टिक से परहेज, वृक्षारोपण तथा प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण

कार्यक्रम के प्रथम दिवस महाविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से संबंधित विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 9 एम.पी. एवं 1 एम.पी. बटालियन के एनसीसी कैडेट्स को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा द्वारा पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन एनसीसी इकाई द्वारा डॉ. मेजर संजय सोहनी के मार्गदर्शन में किया गया।इसके उपरांत IQAC के संरक्षण में सीड बॉल निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्थानीय एवं देशज प्रजातियों के बीजों से सीड बॉल तैयार किए।

कार्यशाला का उद्देश्य वर्षा ऋतु में हरित आवरण का विस्तार तथा जैव विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देना था।इस अवसर पर डॉ. स्नेहलता व्यास, डॉ. राजेंद्र कोचले, डॉ. संगीता कनाश, डॉ. मदन वास्कले सहित अन्य प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा दंडवते, अतिथि परिचय डॉ. सुनीता भंवर तथा आभार प्रदर्शन डॉ. रंजना वर्मा द्वारा किया गया।

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