नन्हें परिंदों के अज़ीज़ दोस्त जयंत तान्दुलकर

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Fourth pillars update news 4th पिलर्स के लिए नागपुर से शीरीन सिद्दीक़ी.

17.09.2026 Nagpur Maharashtra नन्हें परिंदों के दोस्त जयंत तान्दुलकर कॉन्क्रीट के जंगल में बदलते शहरों में जगह के लिए पेड़ काटे जाते हैं , पेड़ कटते हैं तो अनेक परिंदे बेघर हो जाते हैं यही नहीं कभी शहरों में सबसे ज्यादा दिखाई देने वाले कौए , मैना और गौरैया की संख्या सिमटती जा रही है

अपनी रोज़ी रोटी , अपने आराम और अपने शहर की ज़िन्दगी में व्यस्त ऐसे लोगों के बीच भी कुछ लोग ऐसे हैं जिनका अपने आसपास की दुनिया से और उसके इन नन्हें परिंदों की आबादी और कुशलता के प्रति गहरा सरोकार है . ये हैं नागपुर शहर के झींगाबाई टाकली क्षेत्र के निवासी श्री जयंत तान्दुलकर जिन्हें परिंदों से गहरा लगाव है .नागपुर की गोधनी रोड पर उनका घर है जहाँ करीब 12 सौ वर्ग फीट में उनका एक एक गार्डन है जिसे एक लघु पक्षी अभयारण्य कहा जा सकता है.

इसमें नीम , आम , नीबू , आंवला , केला और चीकू के पेड़ हैं जहाँ ये परिंदे बसेरा करते हैं …..गाँव में उनके परिवार का एक छोटा सा खेत है उसी से प्रेरित होकर उन्हें नागपुर वाले अपने घर में ये शुरुआत की . सुबह होते ही उनके घर की छत 40 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों के कलरव से गुलज़ार हो उठती है…उनकी छत पर रोजाना करीब 5 सौ पक्षी आते हैं , इनमें सह्मिल हैं मैना , कोयल , मुनिया , तोते और कौए

जयंत तान्दुलकर अपनी छत पर आने वाले इन नन्हे फ़रिश्तों के लिए रोजाना उनके चुग्गे यानी दाने का प्रबंध करते हैं और उनकी प्यास बुझाने के लिए 50 के आसपास पानी से भरे पॉट रखते हैं ये सिलसिला पिछले 15 सालों से बदस्तूर जारी है …वो अपने इन फुदकते-चहकते नन्हें मेहमानों के दाने का इंतजाम भी अपनी जेब से करते हैं . इन परिंदों को भोजन में वो बाजरी , कनकी और घास के बीज राला देते हैं

उनकी जीवन संगिनी प्रद्न्या और परिवार के अन्य सदस्य परिंदों के भोजन-पानी की व्यवस्था में उनकी सहायता करते हैं …और इस की शुरुआत सुबह 7 बजे से हो जाती है जब उनकी छत इन परिंदों की चहक के संगीत से गुलज़ार हो उठती है .अपनी छत पर आने वाले इन मेहमानों के लिए जयंत तान्दुलकर ने अपने हाथों से बर्ड हाउस यानी चिड़िया घर बनाये हैं ..यही नहीं इन पक्षियों के चुग्गे की व्यवस्था के लिए भी वो ऐसी वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें बेकार समझा जाता है . पक्षियों को क़ुदरती आशियाना ज्यादा पसंद है इसी बात को ध्यान में रखते हुए जयंत जी के घर के पास तरह-तरह के पेड़ भी लगाये गए हैं

4th पिलर्स के लिए नागपुर से शीरीन सिद्दीक़ी

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