सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी से मिले इस सम्मान से टिकाऊ विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के लंबे समय से जारी प्रयास और उनके ‘ग्रीन विज़न‘ को मान्यता मिली है। यह सम्मान टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री को मिले ऐसे ही कई सम्मानों की कड़ी में एक और उपलब्धि है; इनमें खाद्य और कृषि संगठन का एग्रीकोला मेडल, सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ़ द अर्थ‘ पुरस्कार शामिल हैं। इस सम्मान से पता चलता है कि सेशेल्स, हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता निर्माण, पर्यावरण संबंधी कार्यों, टिकाऊ विकास के प्रयासों और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका को भरोसेमंद साझेदार के तौर पर अत्यधिक महत्व देता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। श्री मोदी ने इस समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया और यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। हमारे संवाददाता ने बताया कि परेड में नौसेना और थल सेना की भारतीय मार्चिंग टुकड़ी ने हिस्सा लिया।
परेड में भारतीय नौसेना का बैंड भी शामिल था, यह भारत और सेशेल्स की करीबी और विशेष साझेदारी को दर्शाता है। विशेष पहल के अंतर्गत, युद्धपोत आईएनएस तरकश और सर्वेक्षण पोत आईएनएस इक्षक को पोर्ट विक्टोरिया में तैनात किया गया था। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की ओर से सेशेल्स के लोगों को शुभकामनाएं दी। श्री मोदी राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की तीन दिन की यात्रा पर हैं। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से साझेदारी है, जो साझा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संबंधों पर आधारित है। हिंद महासागर क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के नाते, सेशेल्स भारत के ‘महासागर‘ विज़न और ‘ग्लोबल साउथ‘ के लिए प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच करीबी और स्थायी दोस्ती को और मजबूत करेगी तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि भी करेगी।
प्रधानमंत्री ने कल सेशेल्स में मॉरिशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और मॉरिशस के बीच सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भारत से मिले विशेष आर्थिक पैकेज को लागू करने में प्रगति की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मॉरिशस के विकास और तरक्की को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि मॉरिशस को स्वास्थ्य, सम्पर्क, सतत विकास और समुद्री संसाधनों के प्रबंधन में योगदान देना जारी रहेगा। दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत के ‘विज़न महासागर’ और पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत भारत-मॉरिशस मजबूत रणनीतिक साझेदारी के महत्व और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए साझा प्रतिबद्धता पर सहमति प्रकट की।


