–ये हैं भारत के 10 सबसे गर्म शहर

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मौसम विभाग के मुताबिक़ बुधवार को भारत में सबसे ज़्यादा तापमान वाले शहर रहे-खजुराहो (पूर्वी मध्य प्रदेश)- 48.0 डिग्री सेल्सियस ,बांदा (उत्तर प्रदेश)- 48.0 ,वर्धा (विदर्भ क्षेत्र)- 47.1 ,
रोहतक (हरियाणा)- 46.9 ,नागपुर (विदर्भ क्षेत्र)- 46.6 ,श्रीगंगानगर (पश्चिमी राजस्थान) 46.5 ,अमरावती (विदर्भ क्षेत्र)- 46.4 ,चंद्रपुर (विदर्भ क्षेत्र)- 46.2 ,हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)- 46.2 और झारसुगड़ा (ओडिशा)- 46.0 मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. अगले एक सप्ताह तक दिल्ली और इसके आसपास के इलाक़ों का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा रहने का अनुमान लगाया गया है.

देश के कई इलाक़ों में भीषण गर्मी और तेज़ धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं

बुधवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो में अधिकतम तापमान 48.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. वहीं इस दिन राजधानी दिल्ली के रिज इलाक़े में 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. उत्तर प्रदेश का बांदा भी इस मामले में शीर्ष पर रहा है और यहां का अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. खजुराहो में 20 मई का अधिकतम तापमान सामान्य से क़रीब 4.5 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रिकॉर्ड किया गया है. वहीं राजधानी दिल्ली में बुधवार की रात बीते 14 साल में सबसे ज़्यादा गर्मी वाली रात रही.

इस मामले में हरियाणा के रोहतक का तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा, जबकि हरियाणा के अंबाला का तापमान सामान्य से क़रीब 7 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रिकॉर्ड हुआ है.
देश में बढ़ते तापमान और गर्मी का सबसे ज़्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाक़े में देखा जा रहा है. मौसम विभाग ने बुधवार को चेतावनी जारी की है कि आने वाले क़रीब एक सप्ताह तक देश के उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी इलाक़ों में भीषण हीट वेव तक का असर दिखेगा.

मौसम विभाग के मुताबिक़, देश के कई शहरों में अधिकतम तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है.
बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के कुछ शहरों, उत्तराखंड, हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा रिकॉर्ड किया गया.
दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल के डॉक्टर नीरज निश्चल का कहना है, “जितनी गर्मी बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर से पसीना निकलता है. इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होती है. हमारे शरीर का लगभग 60 फ़ीसदी वजन पानी का होता है. शरीर में पानी की कमी होती है तो अन्य ऑर्गेन्स पर इसका असर होता है. इसलिए शरीर हमें प्यास के ज़रिए बताता है कि हमें पानी की ज़रूरत है.”
“पसीने के साथ शरीर का इलेक्ट्रोलाइट (मुख्य रूप से सोडियम) कम होना शुरू होता है. हमें शरीर में पानी के साथ ही इलेक्ट्रोलाइट की भरपाई भी करनी होती है.”बच्चे, बुज़ुर्ग या बीमार लोगों को हीट स्ट्रोक का ज़्यादा ख़तरा होता है. ऐसे लोगों का ज़्यादा ध्यान रखने की ज़रूरत है. अगर किसी को हीट स्ट्रोक लगे तो फ़ौरन ध्यान देने की ज़रूरत है.”

सोर्स : बीबीसी हिंदी सेवा


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