शासकीय जे. योगानन्दम् के कार्यशाला में विधिविद् भूपेन्द करवन्दे ने मार्गदर्षक के रूप में विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विभिन्न प्रशनों और जिज्ञासाओं का अपनी सरल, सहज व रोचक शैली में समाधान किया। उन्होनें अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते समय आपको प्राथमिकतायें तय करना आवश्यक है। आपने संविधान, दस्तावेज, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका से संबंधित विभिन्न विशयों पर प्रकाश डाला।
शासकीय जे. योगानन्दम् छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में दोपहर 3.00 बजे प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन/कोचिंग समिति के द्वारा ’’भारतीय राज व्यवस्था’’ डाॅ. भूपेन्द्र करवंदे, विधि विशेषज्ञ का व्याख्यान आयोजित किया गया।

प्राचार्य डाॅ. तपश चन्द्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि आपको किसी भी विषय की जानकारी है, तो उसे आपको पूरे विश्वास के साथ व्यक्त करना भी आना चाहिये तभी आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूर्णरूप से सफल हो पायेगें, साथ ही साथ साक्षात्कार में शामिल हो पाओगें।

कार्यशाला में डाॅ. दीपशिखा विज, डाॅ. पिंकी गर्ग व डाॅ. रेणु कुमार यादव उपस्थित रहे।
कार्यशाला की संयोजक डाॅ. मोना जैन ने कात्यात्मक शैली में विद्यार्थियों को छत्तीसगढ के विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं से रोचक ढंग से अवगत कराते हुए पांच दिवसीय कार्यशाला के बारे में बताया। डाॅ. लखपति पटेल ने सभी विद्वानों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. पिंकी गर्ग ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया। कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी कार्यशाला में उपस्थित होकर लाभांवित हुए।




