रसायन शास्त्र के नए सफर की शुरुआत, विद्यार्थियों ने जाना शोध और नवाचार का महत्व

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रायपुर, 10 सितंबर 2026: शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा एम.एससी. प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागीय रसायन परिषद का गठन भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, प्रयोगशाला कार्य, शोध गतिविधियों तथा रसायन शास्त्र के क्षेत्र में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना रहा।

Students Embark on a New Journey in Chemistry and Explore Innovation


कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास द्वारा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर के स्वागत के साथ हुई। अपने संबोधन में डॉ. व्यास ने विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र के बदलते स्वरूप तथा वर्तमान समय में इसके बढ़ते महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रसायन शास्त्र केवल प्रयोगशाला तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि चिकित्सा, उद्योग, पर्यावरण, कृषि, तकनीक तथा दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं से इसका सीधा संबंध है।
उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास विद्यार्थियों में विषयगत ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच, शोध अभिरुचि, प्रस्तुतीकरण क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करना है।

छत्तीसगढ़ कॉलेज में एम.एससी. प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों का अभिमुखीकरण उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तिगत विकास को शिक्षा के समानांतर महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले पदार्थों से संबंधित शोध की बढ़ती आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला

सहायक प्राध्यापक श्रीमती अनुराधा चौधरी ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, मूल्यांकन पद्धति, परीक्षा नियमों एवं शैक्षणिक प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन विषयों एवं जटिल अवधारणाओं को सरल एवं सहज तरीके से समझने में शिक्षक की भूमिका के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विषय की गहरी समझ विकसित करने के लिए शिक्षकों के मार्गदर्शन का निरंतर लाभ उठाना चाहिए।

शिक्षा के समानांतर महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले पदार्थों से संबंधित शोध की बढ़ती आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।


सहायक प्राध्यापक डॉ. यामिनी ठाकुर ने विद्यार्थियों को शोध कार्य की प्रकृति, प्रयोगशाला प्रशिक्षण के महत्व तथा एक शोधार्थी के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोध केवल परिणाम प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिज्ञासा, तार्किक सोच, विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का माध्यम है। कार्यक्रम में डॉ. विभा तिवारी, डॉ. रेखा सोनी, डॉ. भारती एम. पारधी एवं डॉ. निशा छेत्री ने भी विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र की विभिन्न शाखाओं, क्षेत्र में हो रहे नवीन वैज्ञानिक विकास तथा उच्च शिक्षा एवं रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।

शिक्षा के समानांतर महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले पदार्थों से संबंधित शोध की बढ़ती आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम, परीक्षा, शोध, प्रयोगशाला कार्य तथा करियर से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विभागीय शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान करते हुए समाधान किया गया। संवाद सत्र ने विद्यार्थियों को अपने आगामी शैक्षणिक जीवन को लेकर स्पष्ट दिशा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन, प्राचार्य, विभागीय शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को रचनात्मकता, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए केवल औपचारिक स्वागत का अवसर नहीं था, बल्कि उन्हें विभागीय गतिविधियों, शोध, नवाचार और करियर की संभावनाओं से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक पहल रही। PRINCIPAL

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