रसायन विज्ञान इंटर्नशिप कार्यक्रम का चैथा दिन सफलतापूर्वक संपन्न

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रायपुर, 22 जनवरी 2026 शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर के रसायन शास्त्र विभाग के एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम (19 से 23 जनवरी 2026) के चैथे दिन, विद्यार्थियों ने सिद्धाचलम प्रयोगशाला, बिरगांव, रायपुर में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दिन विद्यार्थियों को उपकरणों की सहायता से रासायनिक परीक्षण तथा जल की गुणवत्ता जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों ने जल नमूनों के विश्लेषण के माध्यम से यह भी जाना कि विभिन्न रासायनिक तत्वों की निर्धारित सीमाएँ क्या होती हैं

प्रयोग के दौरान शुद्धता व सावधानी क्यों आवश्यक है। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन भी किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाओं में दिया जाने वाला व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य में शिक्षा, उद्योग एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं।

सिद्धाचलम प्रयोगशाला में इंटर्नशिप के चौथे दिन जल नमूनों का परीक्षण एवं प्रयोगशाला प्रशिक्षण पाँच दिवसीय

इंटर्नशिप का चैथा दिन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा, जिससे उन्हें प्रयोगशाला कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ

रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को मात्रात्मक विश्लेषण और पर्यावरण रसायन विज्ञान की अच्छी समझ मिलती है। जल गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित प्रशिक्षण पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाता है।

रसायन विज्ञान के क्षेत्र में आगे की पढ़ाई एवं करियर के लिए अधिक आत्मविश्वास महसूस करने लगे। डाॅ. तपेश चंद्र गुप्ता

इस दिन विद्यार्थियों ने यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर की सहायता से जल नमूनों में आयरन, नाइट्रेट एवं सल्फेट की मात्रा का परीक्षण किया। डॉ. भावना जैन, निदेशक एवं मुख्य वैज्ञानिक, सिद्धाचलम प्रयोगशाला के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को उपकरण के कार्य सिद्धांत, प्रयोग की विधि तथा परिणामों को समझने के तरीके बताए गए। साथ ही नमूना तैयार करने, सही तरंगदैर्ध्य चुनने तथा परिणामों की सही व्याख्या पर विशेष ध्यान दिया गया।

                

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