ऑर्केस्ट्रा के गाने नहीं, ये है बिहार का असली म्यूजिक; ननद-भौजाई की तीखी-मीठी तकरार को बयां करता है ये कजरी गीत

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अक्सर लोग सोचते हैं कि बिहार में सिर्फ पवन सिंह या खेसारी लाल यादव के गाने बजते हैं, लेकिन यहां एक से बढ़कर एक लोकगीत गाए जाते हैं। यहां हर अवसर और मौके के लिए आपको लोकगीत जरूर सुनने को मिल जाएंगे। इन्हीं लोकगीतों में शामिल है कईसे खेले जईबू सावन में कजरिया। 

बिहार में सावन और भादो के महीने में महिलाएं कजरी खेलती हैं, जिस दौरान कजरी गीत गाए जाते हैं।

दरअसल, ये एक कजरी गीत है, जिसे सावन और भादो के महीने में गाया जाता है। ये गीत बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में भी काफी मशहूर है। ये गीत सिर्फ बारिश के स्वागत के लिए नहीं गाया जाता। इसमें महिलाओं के मन की खुशी और उल्लास को भी बयां किया जाता है। आइए जानें इस कजरी गीत में क्या कहा जा रहा है। 

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