प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़, विक्टोरिया के गवर्नमेंट हाउस में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने संयुक्त वक्तव्य दिया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में आए परिवर्तनकारी बदलाव का स्वागत किया और क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा तथा प्रौद्योगिकी नवाचार के लिए व्यापक रूपरेखाओं को अंतिम रूप दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ शामिल हुए तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में

यह महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिवर्तन को दर्शाता है, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर हिंदप्रशांत क्षेत्र के लिए एक मज़बूत ढांचा तैयार कर रहे हैं। पारंपरिक व्यापार से हाई-टेक डिफेंस कॉरिडोर की ओर बढ़ने, महत्वाकांक्षी सीका समझौते में तेज़ी लाने और ऐतिहासिक परमाणु समझौते के अंतर्गत लंबे समय के लिए यूरेनियम निर्यात शुरू करने जैसे पहलों से दोनों देशों के बीच आपसी भरोसा अभूतपूर्व स्तर पर पहुँचाया गया है। जहाँ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा कि दस लाख लोगों का भारतीय प्रवासी समुदाय इस साझेदारी की असली धड़कन है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के विकास की गति को क्रिकेट की तरह बताया।

क्रिकेट, भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की अपनी डिप्लोमेटिक लैंग्वेज है। इसलिए हमारी मीटिंग्स भी क्रिकेट जैसी लगती हैं। अजेन्डा – वन-डे जैसा फोकस है। ‘डिसीजन टी20 जितने तेज़ है और पार्टनरशिप टेस्ट मैच जितनी लंबी और गहरी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी भविष्य के लिए निर्मित एक सुदृढ़ और स्थायी संबंध है। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध गहरे पारस्परिक विश्वास के आधार पर एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं। शिखर वार्ता की प्रमुख उपलब्धियों में आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नई गति देना शामिल रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने यूरेनियम आपूर्ति और महत्वपूर्ण खनिज गलियारे पर ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
पीएम सूर्य घर योजना को सपोर्ट करने के लिए हमने मिलकर गुजरात में रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग एकेडमी बनाई है। यह एकेडमी अनेक महिलाओं और युवाओं की कैपेसिटी बिल्डिंग में योगदान देगी। न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में आज हमने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का मार्ग खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के उद्देश्यों को नई ताकत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रणनीतिक प्रौद्योगिकी और संसाधन सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके अन्तर्गत ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़ और सप्लाई चेन साझेदारी को क्रियान्वित किया गया और महत्वपूर्ण खनिज कॉरिडोर की स्थापना की गई।
हमने सीका पर तेजी से काम करने का निर्णय लिया है, जो दोनों देशों के लिए बेलेंस, एम्बिशियन्स, हम बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी पर भी तेजी से आगे बढ़ेंगे। हमारी रिन्यूएबल एनर्जी पार्टनरशिप, क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन में हमारे प्रयासों को साकार रूप दे रही है। इसके तहत हम इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इंडस्ट्री–टू–इंडस्ट्री कोलेबोरेशन पर विशेष बल दे रहे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर ऐतिहासिक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए, वार्षिक रक्षा मंत्रियों के संवाद को संस्थागत रूप दिया गया तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप का शुभारंभ किया। शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग पर अभूतपूर्व प्रगति हुई है। इसके तहत ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के नए शाखा परिसर बेंगलुरु और गुरुग्राम में स्थापित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने भी इस भविष्य-उन्मुख साझेदारी को और मजबूत बनाने की बात कही।
हम दोनों देशों के बीच संबंध को गहरा और विविध बनाने पर ध्यान दे रहे हैं जिससे हम लगातार मज़बूत होते रहें। आज हमने हर पहलू पर चर्चा कि। नए और अहम समझौतों के माध्य़म से हम रक्षा सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक तथा ऊर्जा सुरक्षा और ज़रूरी खनिजों के क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार कर रहे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने भारत-ऑस्ट्रेलिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंच और आर्थिक कार्ययोजना कार्यक्रम को संबोधित किया।
ऑस्ट्रेलिया सुपर के पांच सौ मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश का भारत ने स्वागत किया है। मेलबर्न में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल श्रोडर ने इसकी घोषणा की। ऑस्ट्रेलिया-भारत बिज़नेस काउंसिल के प्रमुख सदस्य विश्व विश्वनाथन ने “मेक विद इंडिया” पहल के बढ़ते असर पर ज़ोर दिया। यह समूह रणनीतिक कॉर्पोरेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देकर, ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया” दृष्टिकोण को लागू करने का काम कर रहा है।




