राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंज़ूरी दी विधेयकों को

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सतत परमाणु ऊर्जा दोहन और विकास, भारत रूपांतरण विधेयक, 2025 – शांति विधेयक को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति ने कल इस विधेयक को मंज़ूरी दी। हमारे संवाददाता ने बताया है कि यह विधेयक नागरिक परमाणु क्षेत्र से जुड़े सभी कानूनों को समाहित करता है।

भारत के रूपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधाणीय दोहन और अभिवंदन शांति कानून भारत के परमाणु ऊर्जा संबंधी कानूनी ढांचे को सुदृढ़ और आधुनिक बनाता है। यह नियामकी निगरानी के तहत परमाणु क्षेत्र में सीमित निजी भागीदारी को सक्षम बनाता है। यह परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड को वैधानिक मान्यता प्रदान करके वैधानिक विनियमन को मजबूत करता है। यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के दीर्घकालिक लक्ष्य का भी समर्थन करता है। यह कानून भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा के अगले चरण को आकार देने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण विकसित भारत– जी राम जी विधेयक, 2025 को भी मंज़ूरी दे दी है।यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप एक ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों की मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। इस योजना में केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के बीच निधि बंटवारे का अनुपात अधिकांश राज्‍यों के लिए साठ और चालीस प्रतिशत होगा। जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में यह अनुपात 90 और 10 प्रतिशत होगा। इस योजना के अंतर्गत यदि किसी को समय पर काम नहीं दिया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी है। यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्‍थान लेगा और एक आधुनिक कानूनी ढांचा प्रदान करेगा जो आजीविका सुरक्षा को मजबूत करेगा, तथा विकसित भारत के लक्ष्‍य को साकार करेगा।

PRESIDENT DRAUPADI MURMU,BILL PRODUCED IN PARLIAMENT,द्रौपदी मुर्मु,संसद में पेश विधेयक,

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