FOURTH PILLARS NEWS 02.12.2025
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका से सोमवार 1 दिसंबर को टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान श्री मोदी ने श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से प्रभावित लोगों को बचाव और राहत प्रदान करने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत भारत की निरंतर सहायता का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महासागर परिकल्पना और सबसे पहले सहायता प्रदाता की स्थिति के अनुरूप भारत, श्रीलंका को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति दिसानायक ने आपदा में भारत की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने चक्रवात दित्वा के कारण श्रीलंका में हुई जान-माल की हानि और व्यापक तबाही पर अपनी संवेदना भी व्यक्त की।

इस बीच श्रीलंका में चक्रवात दित्वा के कारण बाढ और भूस्खलन की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इससे तीन सौ 90 लोगों के मारे जाने और तीन सौ 52 लोागों के लापता होने की खबर है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। भारत के एसी 130 जे विमान के जरिए लगभग 10 टन चिकित्सा सहायता भेजी गई है। इसमें भीष्म मॉड्यूलर ट्रॉमा क्यूब और वायु सेना का चिकित्सा दल शामिल है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि आईएनएस सुकन्या, श्रीलंका के पूर्वी प्रान्त में स्थित त्रिकोमाले पहुंचा। इसमें 12 टन आवश्यक सामग्री भेजी गई।
श्रीलंका में बचाव कार्य तेज़ हो गए हैं, जहां भारतीय टीमें स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। भारतीय वायु सेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों से 96 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें तीन गंभीर रूप से घायल लोग भी शामिल थे। हेलीकॉप्टरों ने साढे पांच टन से ज़्यादा राशन और दवाईयां भी उन क्षेत्रों में पहुँचाई जो पूरी तरह कट चुके हैं। ज़मीन पर, एनडीआरएफ टीमें लगातार जीवन बचाने के मिशन में लगी हुई है और उन्होंने 43 लोगों को-जिनमें छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएँ और बुज़ुर्ग शामिल हैं, उनको उन जगहों से निकाला जहां सड़क का रास्ता नहीं है। बादुल्ला में, अधिकारियों ने पाँच फ़ीट से अधिक मलबे के नीचे से एक मृत व्यक्ति को बरामद किया और वहां खोज अभियान अभी भी जारी है।



