प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार सुबह विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ दिवाली मनाई, जिसे उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का एक विशाल प्रतीक बताया। उन्होंने आईएनएस विक्रांत के डेक पर योग सत्र में भाग लिया और युद्धपोतों के शानदार स्टीमपास्ट और विमानों के फ्लाईपास्ट का भी अवलोकन किया और
नौसेना कर्मियों को मिठाइयां भी दीं। पीएम मोदी ने कहा, आईएनएस विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है। यह 21वीं सदी के भारत की कड़ी मेहनत, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ मनाई दिवाली

उनकी पूरी यात्रा गोपनीय रखी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, एक तरफ मेरे सामने अनंत क्षितिज और अनंत आकाश है, और दूसरी तरफ अनंत शक्तियों का प्रतीक यह विशालकाय आईएनएस विक्रांत है।
प्रधानमंत्री ने रविवार की शाम विमानवाहक पोत पर हवाई अभ्यास देखने, सांस्कृतिक संध्या में भाग लिया और नौसेना कर्मियों के साथ ‘बडा खाना’ में हिस्सा लिया। सशस्त्र बलों में खास अवसर पर आयोजित भोज को ‘बड़ा खाना’ कहा जाता है, जब जवानों और अधिकारियों के बीच पद का भेद नहीं होता और सभी साथ खाना खाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि लोग अपने परिवार के साथ दिवाली मनाना पसंद करते हैं।

समुद्र के पानी पर सूर्य की किरणों की चमक, बहादुर सैनिकों द्वारा जलाए गए दिवाली के दीयों जैसी है।
आईएनएस विक्रांत पर सवार होने के बाद ‘फ्लाइटडेक’ पर गए…पीएम मोदी ने कहा कि आईएनएस विक्रांत पर विस्मयकरी वायु शक्ति प्रदर्शन देखा, जिसमें सटीकता और कौशल का प्रदर्शन किया गया। दिन के उजाले और रात के अंधेरे में, छोटे रनवे पर मिग-29 लड़ाकू विमानों का उड़ान भरना और उतरना, अनुशासन और तकनीकी उत्कृष्टता का एक अद्भुत प्रदर्शन था।
आईएनएस विक्रांत पर सवार होने के बाद प्रधानमंत्री ‘फ्लाइटडेक’ पर गए, जहां उनके चारों ओर मिग 29के लड़ाकू विमान तैनात थे। पीएम ने एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा, जिसमें भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नौसैनिकों ने देशभक्ति गीत गाए। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों की सफलता के उपलक्ष्य में विशेष रूप से लिखा गया एक गीत भी शामिल था।पीएम मोदी ने कहा कि मेरी यह दिवाली खास है, क्योंकि मैंने यह आपके साथ मनायी।
भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को 2022 में नौसेना में शामिल किया गया। एक चलते-फिरते शहर के रूप में वर्णित ‘आईएनएस विक्रांत’ भारत में निर्मित सबसे बड़ा युद्धपोत है और ‘आईएनएस विक्रमादित्य’ के बाद भारत का दूसरा परिचालन विमानवाहक पोत भी है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिमी बेड़े की नौसैनिक शक्ति का पूर्ण प्रदर्शन देखा, जब ‘स्टीमपास्ट’ आईएनएस विक्रांत, आईएनएस विक्रमादित्य, आईएनएस सूरत, आईएनएस मरमुगाओ, आईएनएस चेन्नई, आईएनएस इंफाल, आईएनएस कोलकाता, आईएनएस तुषिल, आईएनएस तबर, आईएनएस तेग, आईएनएस बेतवा, आईएनएस दीपक और आईएनएस आदित्य जैसे नौसेना के जलपोतों ने भाग लिया




