दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए, कैबिनेट ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की 24.5 करोड़ रुपये की बकाया राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया है। यह संस्था राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए न्यूनतम 3% ब्याज दर पर ऋण देती है।
कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए।
बैठक में शासकीय कर्मचारियों को वेतन के विरुद्ध अल्पकालीन ऋण सुविधा देने का निर्णय लिया गया, जिससे उनकी आकस्मिक वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। इसके लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, पात्र संस्थाओं के साथ एमओयू (समझौता) का प्रारूप भी स्वीकृत किया गया है।

कैबिनेट बैठक के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, और नव नियुक्त मुख्य सचिव श्री विकास शील का स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –
मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरूद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया।
मंत्रिपरिषद द्वारा दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रूपये 24,50,05,457/- (रूपये चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन मात्र) एकमुश्त वापस किये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है।




मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है। शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया।
मंत्रिपरिषद की बैठक में आज मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव श्री विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया।



