तेजस से बढेगा भारतीय वायुसेना का तेज और ताक़त सितंबर के अंत तक वायुसेना की सेवा में होंगे-
मिग-21 के रिटायर होने के बाद भारतीय वायुसेना के लिए लड़ाकू विमानों कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 85,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस विमानों की खरीद को मंज़ूरी दी है रक्षा सचिव के मुताबिक़ मार्क-1A स्तर के 97 तेजस विमानों में से दो के सितंबर तक वायुसेना को मिलने की आशा है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने 19 अगस्त, 2025 को एचएएल से भारतीय वायु सेना के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा संबंधित उपकरणों के साथ 97 हल्के लड़ाकू विमान एमके-1ए की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह सौदा एचएएल के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

रक्षा सचिव के अनुसार सरकार एचएएल को तेजस विमान को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त अवसर देना चाहती है । अभी लगभग 38 तेजस विमान सेवा में हैं 80 और बनाए जा रहे हैं। उनमें से 10 तैयार हैं, और दो इंजन मिल चुके हैं। उम्मीद है कि ज़रूरी हथियारों से लैस होकर पहले दो विमान इस सितंबर तक मिल जाएंगे। इन्हें रेडार और अन्य ज़रूरी हथियारों से लैस किया जाएगा, ताकि यह लड़ाकू विमान सुखोई के साथ मिलकर काम कर सकें ।
अगस्त में सरकारी क्षेत्र की रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने केंद्र से 97 हल्के लड़ाकू विमान एमके-1ए (तेजस) के ऑर्डर की पुष्टि की, जिसकी कुल वैल्यू 62,000 करोड़ रुपए है .स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में मिग-21 बेड़े की जगह लेंगे। विदित हो कि ,एलसीए एमके-1A , तेजस का विकसित संस्करण व, जिसे बेहतर लड़ाकू क्षमताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है





