प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस के अवसर पर अपने एक विडिओ संबोधन में कहा है कि ,भारत भविष्य के अपने अन्तरिक्ष अभियानों के लिए , अन्तरिक्ष यात्रियों का एक समूह बनाने में प्रयासरत है और हमारे देश के युवाओं को इसका हिस्सा बनना चाहिए .
भारत ने 11 सालों में 60 से ज्यादा अंतरिक्ष अभियानों को अंजाम दिया है .. हमने इस साल स्पेस डॉकिंग की क्षमता हासिल की है और अब गगनयान मिशन की तैयारी चल रही है, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि , हम चंद्रमा और मंगल तक पहुँच चुके हैं और अब हमें गहन अन्तरिक्ष के शोध पर कार्य करना है जिसके छिपे हुए अनेक रहस्य मानवता के भविष्य हेतु लाभकारी साबित हो सकते हैं .

उन्होंने कहा कि , हमारा क्षितिज तो आकाशगंगाओं से भी परे है . पीएम ने कहा कि , भारत जल्द ही अपना गगनयान अभियान लॉन्च करेगा और अपना अन्तरिक्ष केंद्र भी बनाएगा …इस अवसर पर भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख वी.नारायणन ने कहा कि , भारत 15 साल बाद यानी 2040 में अपना चंद्रयान-4 मिशन लांच करेगा जिसके तहत भारत चंद्रमा के धरातल पर क़दम रखेगा और भारत का अन्तरिक्ष सम्बन्धी ये कार्यक्रम उस दौरान किसी भी अन्य देश की तुलना में शीर्ष पर होगा .
इसरो प्रमुख ने ये भी कहा कि , 2035 तक भारत अन्तरिक्ष में अपना केंद्र स्थापित कर लेगा .इस अवसर पर भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभंशु शुक्ला ने कहा कि , अन्तरिक्ष अन्वेषण की दृष्टि से भारत के लिए ये बेहतरीन समय है और पूरी दुनिया भारत के अन्तरिक्ष कार्यक्रम को लेकर उत्साहित है .ख़ासकर जापान और यूरोप की अन्तरिक्ष एजेंसियां .




