मुख्यधारा से जुड़ेंगे 90 आत्मसमर्पित नक्सली उनके पुनर्वास के लिए 3.74 करोड़ रुपये हुए मंजूर.

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छत्तीसगढ़ सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास जैसी व्यापक सुविधाएं प्रदान कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों को फौरी मदद के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। पात्रता के अनुसार उन्हें सरकारी विभागों में नौकरी और स्वरोजगार के लिए सब्सिडी वाले ऋण की सुविधा भी मिलती है।

बीजापुर जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील पहल पर कलेक्टर ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ के अंतर्गत 90 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस राशि के आहरण (निकासी) और संवितरण (वितरण) को मंजूरी दे दी गई है।

शासन की पुनर्वास नीति के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि सीधे संबंधित आत्मसमर्पित व्यक्तियों के नाम पर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में 3 वर्ष के लिए सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में रखी जाएगी। 3 साल की अवधि पूरी होने के बाद, पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित व्यक्तियों के आचरण और व्यवहार को संतोषजनक प्रमाणित किए जाने पर ही वे इस राशि को बैंक से निकाल सके

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सुरक्षा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

जिला प्रशासन का मानना है कि यह कदम उन्हें समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने और मुख्यधारा में स्थायी रूप से लौटने के लिए प्रेरित करेगा। बीजापुर जिले में शांति, आपसी विश्वास और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास जैसी व्यापक सुविधाएं प्रदान कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों को फौरी मदद के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। पात्रता के अनुसार उन्हें सरकारी विभागों में नौकरी और स्वरोजगार के लिए सब्सिडी वाले ऋण की सुविधा भी मिलती है।

बीजापुर जिले में शांति, आपसी विश्वास और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

बीजापुर जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील पहल पर कलेक्टर ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ के अंतर्गत 90 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस राशि के आहरण (निकासी) और संवितरण (वितरण) को मंजूरी दे दी गई है। शासन की पुनर्वास नीति के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि सीधे संबंधित आत्मसमर्पित व्यक्तियों के नाम पर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में 3 वर्ष के लिए सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में रखी जाएगी। 3 साल की अवधि पूरी होने के बाद, पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित व्यक्तियों के आचरण और व्यवहार को संतोषजनक प्रमाणित किए जाने पर ही वे इस राशि को बैंक से निकाल सकेसरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सुरक्षा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

जिला प्रशासन का मानना है कि यह कदम उन्हें समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने और मुख्यधारा में स्थायी रूप से लौटने के लिए प्रेरित करेगा।

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