FOURTH PILLARS NEWS / WED / 03-12-25
हौसलों और इच्छा शक्ति के धनी लोग बहुत मुश्किलों में भी हार नहीं मानते और असंभव को संभव कर दिखाते हैं…और ऐसा ही हैरतअंगेज़ कारनामा कर दिखाया हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले के चांगों गांव की निवासी दृष्टिबाधित 28 वर्षीय युवती छोंजिन अंगमो ने….जिन्होंने 19 मई 2025 को माउंट एवरेस्ट फतेह कर एक इतिहास रच डाला… छोंजिन अंगमो राष्ट्रीय स्तर की पैरा-एथलीट भी हैं और दुनिया की उन हज़ारों लाखों युवतियों के लिए एक मिसाल हैं जो अपने जीवन की विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए जीवन में कुछ सार्थक करना चाहती हैं

अपनी पहचान क़ायम करने का ख़्वाब देखती हैं छोंजिन अंगमो अभी 8 बरस की ही थीं कि रौशनी उनकी आँखों से रूठ गयी

पहाड़ की ये बेटी अपने जीवन की इस त्रासदी से दुखी ज़रूर हुई मगर हिम्मत से टूटी नहीं…पहाड़ की ज़िन्दगी से, पहाड़ी ढलानों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों की आदी छोंजिन अंगमो तो पहाड़ की ऊंचाई छूना चाहती थी वो भी दुनिया के सगरमाथा की और फिर कमाल ये हुआ कि , 19 मई 2025 को सुबह करीब 8:34 बजे पायनियर एवरेस्ट एक्सपीडिशन के तहत छोंजिन अंगमो ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच डाला माउंट एवरेस्ट यानी सगरमाथा ने भी इस बेटी के हौसले के आगे अपना माथा झुका कर
उसके माथे को चूम कर अपना आशीर्वाद दे डाला
इस चुनौती पूर्ण पर्वतारोहण अभियान में छोंजिन अंगमो के साथ सतत मौजूद थे गाइड डांडू शेरपा और ओम गुरुंग.





