छत्तीसगढ़ महाविद्यालय धमधा में मानसिक स्वास्थ्य के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन.

Spread the love

रायपुर, 02.02.2026 छत्तीसगढ़ महाविद्यालय और धमधा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में मानसिक स्वास्थ्य के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन छत्तीसगढ़ में मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती चुनौतियों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय और शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय धमधा के संयुक्त तत्वाधान में ’’3 और 4 फरवरी’’ को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण” का आयोजन किया जा रहा है।

“सकारात्मक मानसिकता और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस प्रयास में हम हर संभव योगदान देंगे।”

इस संगोष्ठी के आयोजन की जिम्मेदारी संगठन सचिव डॉ. अनामिका मोदी जैन और श्री तरुण कुमार पदमवार ने संभाली है।

इस संगोष्ठी का उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सकारात्मक मानसिकता को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समसामयिक मुद्दों और उनके समाधानों पर विचार-विमर्श करना है।

शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के प्राचार्य ’’डाॅ तपेश चंद्र गुप्ता’’ ने कहा, “राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य सिर्फ चर्चा करना नहीं, बल्कि व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करना है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना किया जा सके।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “छात्रों और आम जनता दोनों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है, और इस आयोजन के माध्यम से हम इसे साकार कर रहे हैं।” शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय धमधा की प्राचार्या ’’डॉ. उषाकिरण अग्रवाल’’ ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के जीवन की नींव है। इस संगोष्ठी के माध्यम से हम समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सकारात्मक मानसिकता और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इस प्रयास में हम हर संभव योगदान देंगे।”

इस संगोष्ठी के आयोजन की जिम्मेदारी संगठन सचिव डॉ. अनामिका मोदी जैन और श्री तरुण कुमार पदमवार ने संभाली है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं, चुनौतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान और जागरूकता प्राप्त हो। (डाॅ. तपेश चंद्र गुप्ता ) प्राचार्य


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *