1-आज 23 अगस्त को दुनिया गवाह बनेगी ब्लैक मून की

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अगर आप रेड मून की तरह ही अद्भुत खगोलीय घटना ब्लैक मून के गवाह बनना चाहते हैं तो आज 23 अगस्त को तैयार रहिएगा दुनिया ब्लैक मून की गवाह बनेगी …

अंग्रेंजी कलेंडर के अनुसार जब एक महीने में दो अमावस्याएं पड़ती हैं तो दूसरी अमावस्या को ब्लैक मून कहा जाता है। अवसर पर सूरज ,धरती और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं जिससे चंद्रमा का प्रकाश पृथ्वी पर दिखाई नहीं देता।

ब्लैक मून को थोडा समझने की कोशिश करते है चंद्रमा के प्रकाश की उपस्थिति में मद्धिम उजास वाले जो तारे और अन्य खगोलीय पिंड दिखाई नहीं पड़ते थे वो ब्लैक मून के दौरान वह साफ साफ दिखाई देने लगते आज के बाद अगले ब्लैक मून दिखने की आगामी घटनाएँ 20 अगस्त 2028 को और 31 अगस्त 2027 को घटेंगी .

आज यानि शनिवार 23 अगस्त 2025 को देखने वाले हैं। आइए जानते हैं कि ब्लैक मून क्या है और खगोलविदों व अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए खास क्यों है।

वॉशिंगटन: चांद को कई नामों से जाना जाता है। इसी साल मार्च में अंतरिक्ष-प्रेमियों ने ब्लड मून देखा था, जो चंद्रग्रहण के दौरान इसके लाल रंग में बदलने के बारे में है। इसके अलावा आपने ब्लू मून के बारे में भी जरूर सुना होगा, जो एक महीने में होने वाले दूसरे पूर्ण चंद्रमा को कहा जाता है। लेकिन आज हम आपको ब्लैक मून के बारे में बता रहे हैं, जिसे दुनिया भर के अंतरिक्ष प्रेमी आज शनिवार 23 अगस्त को देखने वाले हैं। आइए जानते हैं कि ब्लैक मून क्या है और खगोलविदों व अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए खास क्यों है।

आखिर ब्लैक मून है क्या…?

ब्लैक मून इसका कोई आधिकारिक नाम नहीं है। कैलेंडर महीने में पड़ने वाली दूसरी अमावस्या को यह नाम दिया गया है।

यह हर 29 महीने में एक बार होता है। या किसी ऐसे मौसम में जिसमें असामान्य रूप से तीन की जगह चार अमावस्या होती हैं, उसकी तीसरी अमावस्या को भी ब्लैक मून कहा जाता है। यह 33 महीने में एक बार होता है। अमावस्या तब होती है, जब चंद्रमा का केवल दूर वाला भाग ही सूर्य से प्रकाशित होता है। इसका पास वाला हिस्सा पूरी छाया में होता है, जिसके चलते यह पृथ्वी से नहीं दिखाई देता है। यह चंद्र चक्र की शुरुआत का प्रतीक है।

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