60 दिन में 98 फीसदी लोगों ने दे दिया प्रमाण, 2% लोगों के पास बचे हैं इतने दिन और 24 जून से 24 अगस्त तक, 60 दिनों में 98.2% लोगों ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं.

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Bihar SIR: इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 1.64% लोगों ने दस्तावेज दिए.

बिहार में वोटर लिस्‍ट रिवीजन (SIR) पर जारी बवाल के बीच चुनाव आयोग का कहना है कि 98.2 फीसदी वोटर्स ने दस्‍तावेज जमा करा दिए हैं. यानी 2 फीसदी से भी कम लोग ऐसे हैं, जो फाइनल वोटर लिस्‍ट में अपना नाम शामिल करने के लिए प्रमाण नहीं दे पाए हैं. हालांकि जिन्‍होंने अब तक मतदाता होने का प्रमाण नहीं दिया है, उनके पास अभी 1 सितंबर तक का समय है.

आयोग ने रविवार को बताया कि बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के तहत 98.2% मतदाताओं के दस्तावेज मिल चुके हैं. अभी लोगों के पास ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए 8 दिन और बाकी हैं.

60 दिन में निपट गया इतना काम चुनाव आयोग ने बताया, ‘मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) बिहार से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 98.2% मतदाताओं के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं.

24 जून से 24 अगस्त तक, 60 दिनों में 98.2% लोगों ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं. इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 1.64% लोगों ने दस्तावेज दिए. 1 सितंबर तक आठ दिन और बाकी हैं और केवल 1.8% मतदाताओं को ही अपने दस्तावेज जमा करने हैं.

आधार देकर भी जुड़वा सकते हैं नाम चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि दावे और आपत्तियों की यह अवधि मतदाताओं को न केवल ड्राफ्ट सूची में हुई गलतियों को सुधारने का मौका देती है, बल्कि उन जरूरी दस्तावेजों को भी जमा करने का अवसर देती है जो उन्होंने फॉर्म भरते समय नहीं दिए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह निर्देश दिया है कि जो लोग वोटर लिस्ट में अपना नाम जोड़ना चाहते हैं, उनसे आधार या 11 अन्य सूचीबद्ध दस्तावेजों में से कोई भी एक स्वीकार किया जाए. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरा करने के लिए उस पर भरोसा रखे.

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