प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष की स्थिति लगातार बदल रही है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। श्री मोदी की अध्यक्षता में कल मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों समिति की बैठक हुई। इसमें वर्तमान स्थिति और मौजूदा तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें जिससे नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
उन्होंने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित हो सके ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।
बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने वैश्विक स्थिति और सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा अब तक किए गए तथा प्रस्तावित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, सूक्ष्म–लघु और मध्यम उद्यम, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की गई। देश में समग्र वृहद–आर्थिक परिदृश्य और प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा हुई। खाद्य पदार्थों, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सचिवों के समूह के गठन का निर्देश दिया जो समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करेगा। उन्होंने क्षेत्रीय समूहों को सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श से काम करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई तथा भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे। विभिन्न मंत्रालयों के प्रस्तावित उपायों को सभी संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद तैयार और लागू किया जाएगा।




