नई दिल्ली: पीएम मोदी ने कहा कि सरकार देश की रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. सरकार का कर्तव्य है कि वह रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप करे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस साल का बजट भारत के विकसित राष्ट्र बनने की चाहत को दर्शाता है. ‘पीटीआई’ को दिए इंटरव्यू में पीएम ने कहा कि बजट मजबूरी में पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला अवसर नहीं है, बल्कि ये तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं’ वाला पल है.
अगले चरण के आर्थिक परिवर्तन के लिए निजी क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनसे ‘निर्णायक प्रतिक्रिया’ देने का अनुरोध है.

38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर उन्होंने कहा कि मजबूत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और लघु एवं मध्यम उद्यम भारत को मजबूत स्थिति से व्यापार समझौते करने में सक्षम बनाते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे मुक्त व्यापार समझौते वस्त्र, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए बनाए गए हैं. उन्होंने यूपीए शासन के दौरान हुए आर्थिक कुप्रबंधन की कड़ी आलोचना की, जिसके कारण भारत आत्मविश्वास के साथ बातचीत करने में असमर्थ रहा. पीएम ने कहा कि यूपीए शासनकाल में उन्होंने कहा कि सरकार देश की रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
रक्षा बजट में हुई वृद्धि का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप करे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि डेटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेंगे. हम पूरी दुनिया के डेटा को भारत में स्थानांतरित करने के लिए आमंत्रित करते हैं. उन्होंने कहा कि यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों के लेन-देन के तरीके में मूलभूत सुधारों के कारण भारत विश्व का डिजिटल अग्रणी देश बन गया है.




पीएम ने कहा कि सुधार सरकार की प्रतिबद्धता है, जिसे उसने अपने शब्दों और भावना में प्रदर्शित किया है.
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तय कर लिया है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और क्या यह “अभी नहीं तो कभी नहीं” वाली स्थिति है, मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नये द्वार खोल रही है, जिसमें देश व्यापार और नवाचार में नयी दिल्ली के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं.





