प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल से दो दिन की यात्रा पर जॉर्डन जा रहे हैं। उनकी यह जॉर्डन इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी के निमंत्रण पर हो रही है। श्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। दोनों देशों के बीच लगभग 2 अरब अस्सी करोड़ डॉलर का व्यापार होता है।
जॉर्डन भारतीय यात्रियों को वीज़ा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक वीजा की सुविधा प्रदान करता है।

जॉर्डन इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी भारत की आईएफएफसीओ और जॉर्डन फॉस्फेट्स माइंस कंपनी के बीच 860 मिलियन अमरीकी डॉलर का संयुक्त उद्यम है। इसके अलावा लगभग 500 मिलियन डॉलर के कुल निवेश के साथ भारतीय मूल की लगभग पंद्रह वस्त्र कंपनियां जॉर्डन में कार्यरत हैं। ये कंपनियां अमरीका, यूरोप और अरब क्षेत्र के साथ जॉर्डन के व्यापक मुक्त व्यापार समझौतों और विशेष व्यापारिक व्यवस्थाओं से लाभान्वित होती हैं और अपने तैयार उत्पादों को वैश्विक बाजारों में निर्यात करती हैं। दोनों देशों के बीच आवाजाही की सुविधा बेहतर हुई है। रॉयल जॉर्डन एयरलाइंस ने राजधानी अम्मान और मुंबई के बीच सीधी उड़ानें शुरू की हैं।




