प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में जॉर्डन और इथियोपिया के बाद आज शाम दो दिन की यात्रा पर ओमान पहुंच रहे हैं । उनकी यह यात्रा ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक के निमंत्रण पर हो रही है। श्री मोदी के साथ एक उच्चस्तरीय शिष्टमण्डल भी ओमान पहुंच रहा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते हस्ताक्षर की भी संभावना है। भारत और ओमान में जहाँ सदियों पुराने आपसी सम्बन्ध हैं वहीँ दोनों देश राजनैतिक रिश्तों के 70 साल पूरे होने का भी जश्न मना रहे हैं I
ओमान में भारत के राजदूत जी.वी. श्रीनिवास ने बताया कि कुछ अन्य समझौतों पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता भारत को 2047 तक विकसित बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

रणनीतिक रूप से भी हम एक–दूसरे के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, नौवहन, परिवहन और वाणिज्य और जल के शांतिपूर्ण उपयोग के जरिए हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि वाणिज्य और लोगों की आवाजाही अबाधित रूप से जारी रहे। भारत और ओमान दोनों की इस मुद्दे पर राय एक समान हों, ओमान के जल क्षेत्र में भारतीय नौसेना की उपस्थिति शांतिपूर्ण प्रयोजनों से हैं और हम समुद्री आपदाओं का मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। भारत और ओमान की सेना के तीनों अंगो के बीच वर्ष दर वर्ष संयुक्त अभ्यास हो रहा है और ओमान उन चंद देशों में से है जिनके साथ भारत यह अभ्यास कर रहा है।
भारतीय प्रवासियों का योगदान भी यहां बहुत बड़ा है। वे ओमान सरकार सहित लगभग हर क्षेत्र में हैं और ओमान की सफलता में अपने योगदान से दोनों मित्र मुल्कों के बीच रिश्तों को और मजबूत बना रहे हैं।
दोनों देशों ने अलग-अलग रणनीतिक क्षेत्रों में कई नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की 2018 की ओमान यात्रा ने इनके रिश्तों को अब तक की सबसे ऊंची राजनीतिक दिशा दी है।




