प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी मलेशिया में 26 अक्टूबर से होने वाले आसियान समिट में हिस्सा लेने नहीं जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार , 22 अक्टूबर की शाम को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फ़ोन पर आसियान और द्विपक्षीय मसलों पर चर्चा की…. दोनों नेताओं ने आसियान के साथ भारत के मजबूत संबंधों पर जोर दिया….. चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, व्यापार, निवेश और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ

पीएम मोदी ने भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि अनवर इब्राहिम ने मलेशिया के माध्यम से आसियान-भारत साझेदारी को गहरा करने पर सहमति जताई…..दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय स्तर पर व्यापार घाटे को कम करने, डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग करने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर बात की,दोनों प्रधानमंत्रियों की इस बातचीत में साफ हो गया है कि , पीएम नरेंद्र मोदी आसियान समिट में नहीं भाग लेंगे
और मलेशिया दौरा न होने की वजह से उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात की संभावना भी समाप्त हो गयी है आसियान यानी दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन का शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित किया जा रहा है सूत्रों के अनुसार भारत ने मलेशिया को सूचित किया है कि , भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर आसियान सम्मलेन के दौरान आयोजित बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे
सम्भावना है कि , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विडिओ कांफ्रेंसिंग के ज़रिये इस सम्मलेन में भाग ले सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड उम्मीद लगाए बैठे थे कि , मलेशिया में उनकी मुलाकात पीएम मोदी और शी जिनपिंग से होगी….. मगर पीएम मोदी की ओर से यह कन्फर्म हो गया है कि , वह इस समिट में भाग नहीं ले रहे हैं. भारत की ओर से विदेश मंत्री एस .जयशंकर आसियान समिट में प्रतिनिधित्व करेंगे. डॉनल्ड ट्रंप के अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस आसियान के इस समिट में शामिल होंगे
बहरहाल आसियान समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पीएम मोदी संग संभावित मुलाकात की राहें अब बंद हो गई हैं. मलेशिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ आसियान के कई संवाद-साझेदार देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है डोनाल्ड ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर जाएंगे.

आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में एक क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए. ये दिसंबर 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तर की साझेदारी में परिवर्तित हुए. इन संबंधों को 2012 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया. आसियान के 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया हैं




