FOURTH PILLARS UPDATE NEWS RAIPUR CHATTISGARAH 30.03.2026
आइये जानते है दरअसल पूरा मामला क्या है राजधानी रायपुर के थाना मौदहापारा में व्यापारिक धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित को न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। शिकायत देने के पूरे 135 दिनों के बाद और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत करने के बाद, अंततः मौदहापारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
धोखाधड़ी के ऐसे मामले अब गंभीर आर्थिक चुनौती बन चुकी है.

अहम फैसला, इंसाफ़, व्यापारिक विवाद, आश्वासन, और आपराधिक जद्दोजहद के बीच की गहरी रेखा कब साफ होती है ये तो समय ही तय करेगा.

प्रार्थी मोहम्मद शाहनवाज (29 वर्ष), निवासी गुरुनानक चौक, ने आरोपी इमरान नवाब (42 वर्ष) के साथ 23 जून 2021 को एक एचडीडी (HDD) मशीन खरीदने का सौदा किया था। इस सौदे के एवज में प्रार्थी ने आरोपी को विभिन्न किश्तों में कुल 39 लाख रुपये का भुगतान किया। भुगतान की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2024 थी, लेकिन रकम लेने के बाद भी आरोपी ने न तो मशीन सौंपी और न ही प्रार्थी का पैसा वापस किया।
पुलिसिया उदासीनता और विलंब

प्रार्थी द्वारा मामले की शिकायत काफी समय पहले की गई थी, लेकिन स्थानीय थाने की उदासीनता के कारण महीनों तक FIR दर्ज नहीं की गई। हार मानकर पीड़ित ने न्याय के लिए उच्चाधिकारियों (DGP और SP कार्यालय) से गुहार लगाई। वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े रुख और हस्तक्षेप के बाद, 135 दिनों के विलंब से पुलिस हरकत में आई और कल शाम आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
धाराएं और कार्रवाई

धाराएं और कार्रवाई…………पुलिस ने आरोपी इमरान नवाब के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) एवं 506 (आपराधिक धमकी) के तहत FIR दर्ज किया है। प्रार्थी का आरोप है कि पैसे मांगने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने सबूत मिटाने एग्रीमेंट फाड़वाने चेक फाड़वाने और जान से मरवाने की धमकियाँ भी दी जा रही थीं।

गंभीर धोखाधड़ी के इस मामले में मौजूदा हालात के मद्देनज़र रायपुर में कानून- व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गया है।

42 वर्षीय आरोपी इमरान नवाब जो अपने रायपुर स्थित ऑफिस कपिस विला में ही रहकर सारे अपराध को अंजाम दिया करता था जो कि, आज ये गंभीर अपराध का रूप ले लिया है, आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में करीब साढ़े चार महीने बाद FIR दर्ज होना पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

इस घटना को थोडा डिटेल में समझते हैं अपराधी इमरान ने जान-पहचान और विश्वास का भरपूर फायदा उठाते हुए अपनी एक कमर्शियल मशीन (रजिस्टेशन नंबर GD320-LS-32T) शाहनवाज को बेचने का सौदा किया। यह पूरा सौदा 39 लाख रुपए में तय हुआ। शाहनवाज ने बैंक खाते और नकद के माध्यम से इमरान को पूरी रकम का भुगतान कर दिया। पैसे मिलने के बाद इमरान की नीयत बदल गई। उसने पहले बहाना बनाया कि मशीन शहर से बाहर है और आते ही दे दी जाएगी/ जब कई दिनों तक मशीन नहीं मिली, तो शाहनवाज ने अपने स्तर पर छानबीन की। तब यह चौकाने वाला सच सामने आया कि इमरान ने वह मशीन बिना बताए चुपके से किसी और को बेच दी है।

कैंसर पीड़ित पिता के पैसे डकारे, 18 चेक हुए बाउंस
जब शाहनवाज ने ठगी की शिकायत पुलिस में करने की चेतावनी दी, तो आरोपी इमरान ने बचने के लिए 3अप्रैल 2024 को कोर्ट में दो गवाहों की मौजूदगी में एक एग्रीमेंट किया और पैसे लौटाने के एवज में 8 चेक थमा दिए। लेकिन, वह कभी घरेलू परेशानी तो कभी धमतरी में पत्नी का मकान बिकने का बहाना बनाकर चेक बैंक में लगाने से रोकता रहा बाद में उसने एक नया इकरारनामा कर 10 और चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाते ही सभी चेक बाउंस हो गए। इस धोखाधड़ी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि पीड़ित शाहनवाज के पिता कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझा रहे हैं/ परिवार को उनके इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। इस ठगी ने पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।
आजमगढ़ के गुंडों की धमकी
पैसे वापस करने के बजाय अब आरोपी इमरान खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आया है। वह खुलेआम धमकियां दे रहा है कि यूपी के आजमगढ़ से गुंड़े बुलवाकर हत्या करवा देगा और सारे एग्रीमेंट और चेक फाड़कर फेंक देगा, ताकि कोई सबूत ही न बचे। पीड़ित का आरोप है कि घटना को 135 दिन बीत जाने के बाद भी अपराधी खुले आम क्रिकेट खेल रहा है और पार्टियां कर रहा है। वह पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों– CSP राजेश देवांगन और ASP परवेज अहमद करैंशी– से अपने संबंधों की लगातार आड़ ले रहा है। उसका दावा था कि उसके खिलाफ कहीं एफआईआर नहीं होगी, जो आज सच साबित होता दिख रहा है।



