रायपुर, 27 नवम्बर 2025/ बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित और अत्यंत दुर्गम इलाकों नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने आशा और सेवा की नई राह बनाई है। सुरक्षा चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए इन शिविरों का सफल आयोजन ग्रामीणों के लिए जीवन-रक्षक साबित हुआ।
सघन स्वास्थ्य परीक्षण में मलेरिया, टीबी, सिकलसेल पर दिया गया विशेष ध्यान संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर डॉ. महेश शांडिल्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ वंचित ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर के सबसे कठिन इलाकों में सफल आयोजन नारायणपुर जिले के ईरकभट्टी, बेड़माकोटी, कस्तूरमेटा और कांदुलपार, सुकमा जिले के दुलेड़, लखापाल, और बीजापुर जिले के गूंजेपर्ती, पुतकेल, कोंडापल्ली और मुतवेंडी जैसे बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में इन शिविरों का आयोजन किया गया।

आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर भी किया गया। इन शिविरों में नारायणपुर में 367, सुकमा में 318, बीजापुर में 639 ग्रामीणों की ओपीडी जांच की गई। जिसमें 83 मलेरिया पॉजिटिव मामले प्राप्त हुए जिनका तत्काल उपचार प्रारम्भ किया गया। इसके साथ ही 207 की टीबी जांच, 464 ग्रामीणों की सिकलसेल व एनीमिया स्क्रीनिंग, 212 ग्रामीणों की नेत्र जांच के साथ 129 ग्रामीणों के लिए नवीन आयुष्मान कार्ड का निर्माण किया गया है।
1324 ग्रामीणों का मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य दलों के कार्यों की सराहना की अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इन स्वास्थ्य शिविरों का सुरक्षाबलों के सहयोग और स्वास्थ्य अमले के दृढ़ संकल्प से सफल आयोजन की उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सराहना की।



