रायपुर। Karregutta Jungle Warfare School: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने ऐलान किया कि बस्तर के कर्रेगुटा पहाड़ी इलाके में जल्द ही जंगल वार फेयर स्कूल और सीआरपीएफ का कैंप शुरू होगा। यह वही क्षेत्र है जिसे नक्सलियों की नई राजधानी माना जाता है।
कर्रेगुटा बनेगा सुरक्षाबलों का नया गढ़
करीब 700 एकड़ भूमि पर इस वार फेयर स्कूल की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। राज्य वन्य जीव कल्याण बोर्ड की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई है। यहां तक पहुंचने के लिए साढ़े 5 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क भी बनाई जाएगी, जिसका भूमि आवंटन पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जाए।
लगातार कम हो रही नक्सलियों की संख्या
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक मुठभेड़, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के जरिए करीब 4 हजार नक्सली कम हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में इतने ही और नक्सली खत्म हो जाएंगे। बचे हुए नक्सलियों को या तो आत्मसमर्पण करना होगा या गिरफ्तार किया जाएगा। सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं।

गरियाबंद में बड़ी सफलता
इसी बीच गरियाबंद के मैनपुर जंगलों में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। सीआरपीएफ कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के संयुक्त अभियान में 10 नक्सलियों को ढेर किया गया। इनमें 1 करोड़ रुपये का इनामी केंद्रीय समिति का सदस्य मनोज बालकृष्ण उर्फ मॉडेम भी शामिल था। ऑपरेशन के बाद जवानों का जश्न मनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संयुक्त अभियान की सराहना की और 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को अब आत्मसमर्पण कर देना चाहिए, क्योंकि “लाल आतंक का सफाया तय है।”
महिला नक्सली सुजाथा ने किया सरेंडर
इसी दौरान तेलंगाना में माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति सदस्य सुजाथा ने आत्मसमर्पण कर दिया। सुजाथा, जिसे संगठन में सुजाथक्का, पोथुला कल्पना, पद्मा और झांसी बाई नाम से जाना जाता है, पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। वह मारे गए शीर्ष नक्सली किशन जी की पत्नी बताई जाती है। उनका सरेंडर सरकार और पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।


