महाराष्ट्र के इन आदिवासी बस्तियों में आजादी के बाद पहली बार फहराया गया तिरंगा

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महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले की चार आदिवासी बस्तियों के लिए इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास रहा. पिछले 79 सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समारोह में हिस्सा लिया. ऐसा धुले स्थित एक गैर-सरकारी संगठन की पहल से मुनासिब हो पाया.

ये एनजीओ आदिवासी इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करता है

ये एनजीओ आदिवासी इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. एनजीओ का मकसद सिर्फ ये पहल करना ही नहीं था, बल्कि ये सुनिश्चित करना भी था कि लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरुक हों. एनजीओ से जुड़े शिक्षकों ने बताया कि वे स्वतंत्रता दिवस मनाना क्यों महत्वपूर्ण मानते हैं. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार की सुबह चार आदिवासी बस्तियों के लोग पूरे उत्साह के साथ ध्वजारोहण समारोह देखने के लिए एक पहाड़ी के पास इकट्ठे हुए. वो नजारा देखने लायक था जब राष्ट्रगान बजते ही वे पूरे सम्मान के साथ खड़े हुए.

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