आस्था ने छुआ हृदय: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों की आत्मीय भेंट

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रायपुर 2 नवंबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला

जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

कल रजत महोत्सव के दौरान जब उनकी माननीय प्रधानमंत्री जी से भेंट हुई तब उन्होंने बड़े आदर भाव से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। इस पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने जिस आत्मीयता और सहज भाव से उनके मनुहार को स्वीकार किया, वह दृश्य वास्तव में हृदय को स्पर्श कर गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री श्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।

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