अपनी नैसर्गिक ,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सुंदरता के कारण फिल्मों की शूटिंग के लिए पहली पसंद बना बलौदाबाज़ार

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भाटापारा ज़िला -कलेक्टर श्री दीपक सोनी

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िले में पर्यटन की संभावनाओं और विकास पर सार्थक परिचर्चा हुई। जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों,विषय विशेषज्ञों और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसरों ने ज़िले के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने मंथन किया गया। में पत्रकारिता ,फ़िल्म एवं फोटोग्राफी के माध्यम पर्यटन के विकास और पर्यटन के विकास में सोशल मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसी खूबसूरती के कारण बलौदाबाजार सिनेमा जगत में न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुका है। जहाँ पहले केवल छत्तीसगढ़ी फिल्मों की शूटिंग होती थी

यह ज़िला प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है—नदियाँ, पर्वत, पहाड़ और झरने इसे विशिष्ट बनाते हैं। इसी खूबसूरती के कारण बलौदाबाजार सिनेमा जगत में न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुका है। जहाँ पहले केवल छत्तीसगढ़ी फिल्मों की शूटिंग होती थी, अब बॉलीवुड भी यहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

अब तक बलौदा बाजार में 15 से ज्यादा फिल्में शूट हो चुकी हैं।

कार्यक्रम में बलौदाबाज़ार के प्रबुद्धजन,छात्र छात्राएं और ज़िला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िला न केवल नैसर्गिक सुंदरता से लबरेज़ है बल्कि यहाँ सांस्कृतिक,आध्यात्मिक और पुरातात्विक पर्यटन के लिए अथाह संभावनाएं हैं। वन मंडलाधिकारी श्री गणवीर धम्मशील ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सभी की राय लिये हुए सबकी सलाह से जिले को बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। उन्होंने वर्ष 2025 में पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन एवं सतत रूपांतर पर विस्तार से चर्चा की।

गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ की पहली फ़िल्म कही देबे संदेस का निर्माण बलौदाबाजार-भाटापारा ज़िले के पलारी के बाल समुन्द मिस्टर हुई थी।

अब बॉलीवुड भी यहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अब तक बलौदा बाजार में 15 से ज्यादा फिल्में शूट हो चुकी हैं

पहले पैनल में करीब 4 दशकों से पत्रकारिता से जुड़े श्री रामाधार पटेल ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने में पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा की सूचना प्रचार और प्रेरणा का काम करती है। बात चाहे प्रिंट मीडिया की हो या डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पत्रकारिता के माध्यम से पर्यटन स्थलों की ख़ूबसूरती और वहाँ की संस्कृति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पर्यटन के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने और नवाचार और रोजगार के भी रास्ते भी सिनेमा के माध्यम से खुल रहे हैं।

यह ज़िला प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है—नदियाँ, पर्वत, पहाड़ और झरने इसे विशिष्ट बनाते हैं। इसी खूबसूरती के कारण बलौदाबाजार सिनेमा जगत में न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुका है। जहाँ पहले केवल छत्तीसगढ़ी फिल्मों की शूटिंग होती थी, अब बॉलीवुड भी यहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अब तक बलौदा बाजार में 15 से ज्यादा फिल्में शूट हो चुकी हैं।

न केवल वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी बल्कि नेचर फोटोग्राफी कल्चर फ़ोटोग्राफी,आर्किटेक्चर फोटोग्राफी से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

वरिष्ठ पत्रकार श्री नीरज वाजपेयी ने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से जिले के संबंध में नए पर्यटन स्थल या पुराने और उपेक्षित पड़े स्थल के महत्व की खबर प्रकाशित कर प्रशासन और आम जनों का ध्यान आकृष्ट करने में प्रिंट मीडिया की कारगर भूमिका है। फ़िल्मों के माध्यम से पर्यटन के विकास पर लंबे समय से फ़िल्म क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्री सुनील कुमार साहू ने कहा कि

यह ज़िला प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है—नदियाँ, पर्वत, पहाड़ और झरने इसे विशिष्ट बनाते हैं।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर श्री राजू वर्मा ने कहा कि फोटोग्राफी के माध्यम से हम पर्यटन स्थल की सुंदरता और उसकी विशिष्टता को लोगों तक पहुंचा सकते हैं, बलौदाबाजार जिला जैवविविधताओं से भरा हुआ है,,बार नवापारा अभ्यारण्य में जंगली जानवरों की उनके प्राकृतिक आवास में फोटोग्राफी करना प्रयटकों को रोमांचित कर सकता है।उन्होंने यहाँ पाए जाने वाले कृष्ण मृग का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब ऐसे किसी अनोखे जीव की तस्वीर लोग देखते हैं तो आकर्षित होते हैं,

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी बल्कि नेचर फोटोग्राफी कल्चर फ़ोटोग्राफी,आर्किटेक्चर फोटोग्राफी से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

दूसरे पैनल डिस्कशन में भिलाई टाइम्स के श्री यशवंत साहू ने कहा सोशल मीडिया ले माध्यम से तेजी से सूचनाओं का प्रचार प्रसार होता है इंस्टाग्राम और यू ट्यूब के क्रिएटर्स पर्यटन को आकर्षित करते हैं । उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अक्सर फ़िल्म निर्माता-निर्देशकों से बात होती है तो पता लगता है आजकलअधिकांश फ़िल्मों को शूटिंग बलौदाबाज़ार-भाटापारा में होती है।जिले का कसडोल क्षेत्र प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है ।फ़िल्म निर्माताओं के लिए यह जगह जन्नत से कम नहीं।

यहाँ फ़िल्म सिटी के निर्माण में लिए अनुकूल वातावरण है।

सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक रूप में प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वालेत्तीसगढ़ ट्रैवलर मनीष राठौर ने रिस्पॉन्सिबल टूरिस्म ज़िम्मेदार पर्यटन पर अपनी बात रखी।उन्होंने पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रशासन,सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और आसपास के रहवासियों को लेकर कारगर कार्ययोजना बनाने पर अपनी बता रखी।बलौदाबाज़ार -भाटापारा के रवि शर्मा जो सुपर शर्मा जी के नाम से प्रसिद्ध हैं ने कहा कि उन्होंने शुरुआत ट्रैवल व्लॉगिंग से की थी वे अपनी भाषा छत्तीसगढ़ी में कंटेंट बनाते हैं जिसे जनता का बहुत स्नेह मिलता है।

प्रसिद्ध ट्रैवल व्लॉगर रवि शर्मा ने बताया वे अपनी भाषा छत्तीसगढ़ी में कंटेंट बनाते हैं जिसे जनता का बहुत स्नेह मिलता है।

बस्तर कला संस्कृति को स्टोरी टेलिंग के माध्यम से दुनिया के सामने लाने की पहल करने वाली रेणुका सिंह ने पर्यटन सुरक्षा और पर्यटन पर अपने विचार रखे। छत्तीसगढ़ गाइड पेज के एडमिन श्री प्रदीप साहू ने सामुदायिक भागीदारी और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से बलौदाबाजार में नागरिक शिष्टाचार को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे पर्यटक बार-बार लौटकर आएँ और सकारात्मक अनुभव साझा करें।

सीजी अपडेट से महत्वपूर्ण अपडेट देने वाले शेख़ ज़ुबेर ने कहा कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से केवल अपडेट नहीं बल्कि जागरूकता भी फैलाए। पैनल में सबसे कम उम्र की क्रिएटर शिवानी साहू जो अनोखे अंदाज़ के कारण प्रसिद्ध शिवानी साहू ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रहती है प्रदेश की कला,संस्कृति,तीज त्योहार को अपने अंदाज़ में प्रचारित करें।

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