क्या देश में भारतीय नागरिक के लिए फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन-फ्रीडम ऑफ़ स्पीच बची है………?

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FOURTHPILLARSNEWS 15.03.2026

विषय: एक भारतीय नागरिक के रूप मेरे को भारत के संविधान द्वारा दिए गए फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन/फ्रीडम ऑफ़ स्पीच पर मेरे विरुद्ध एक अमेरिकी नागरिक हिमायानी पुरी द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर सिविल सूट के संबंध में। क्या देश में भारतीय नागरिक के लिए फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन / फ्रीडम ऑफ़ स्पीच बची है…? या इसे भी एक अमेरिकी नागरिक के लिए गिरवी रख दिया गया है……..? अमेरिकी नागरिक और भारत सरकार के मंत्री Hardeep Singh Puri की बेटी Himayani Puri ने मेरे विरुद्ध दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल सूट दायर किया है। यह मामला Jeffrey Epstein, हरदीप पुरी और हिमायानी पुरी से संबंधित मेरे द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट से जुड़ा हुआ है।

इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में संभवतः 17 मार्च को निर्धारित है।

यह उल्लेखनीय है कि मंत्री हरदीप पुरी और हिमायानी पुरी (अमेरिकी नागरिक)से संबंधित मेरे पोस्ट के कारण मेरा X (ट्विटर) अकाउंट भारत में पहले ही भारत सरकार की माँग पर विथहेल्ड करवा दिया गया है। यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है जिस देश में लाखों मुकदमे अदालतों में लंबित पड़े हैं और जहाँ असंख्य नागरिक वर्षों तक न्याय की प्रतीक्षा करते रहते हैं, उसी देश में एक अमेरिकी नागरिक (हिमायानी पुरी) को इतनी शीघ्र अदालत में सुनवाई का अवसर कैसे प्राप्त हो जाता है?

यह पूरा घटनाक्रम देश में मेरे जैसे एक्टिविस्ट के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायिक प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

कुणाल शुक्ला (भारतीय नागरिक) सोशल एंड आरटीआई एक्टिविस्ट रायपुर (छत्तीसगढ़) 9926555050 9827151166 मामले में आपके लीगल एडवाइज़र एडवोकेट गगन जोशी हैं (9887212123)

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