बजट 2026-27 सर्विस सेक्टर पर बड़ा फोकस

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FOURTH PILLARS NEWS 01.02.2026

नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम ने एक इंटरव्यू में बताया कि, कैसे बजट 2026 पिछले दो बजटों का विस्तार और निरंतरता बनाये रखा है. उन्होंने इसे सर्विस सेक्टर पर फोकस किया गया है जिसे देखे जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जहां इससे पहले के दो बजट में रोजगार, स्किलिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया था, वहीं इस साल के बजट में सर्विस सेक्टर, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल इंटीग्रेशन के लिए महत्वपूर्ण पहलें शामिल की गई हैं.

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा इस बजट में सबसे अधिक सर्विस सेक्टर पर फोकस किया गया है.

बजट 2026 के पैकेज को पिछले दो बजट के साथ देखा जाना चाहिए. पिछले दो बजट में रोजगार और स्किलिंग पर अधिक फोकस रखा गया था.

पिछले साल के बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बहुत अधिक फोकस था. उस पहल को अब भी जमीन पर उतारा जा रहा है. इस बजट उसी संदर्भ में एक और लेयर जोड़ता है. इसमें सर्विस सेक्टर पर फोकस रखा गया है जिसकी बारे में बात नहीं की जा रही है. यह बजट पिछली बार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के पहलों में कई चीजें जोड़ता है, साथ ही शहरी बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया है. टैक्स और मैन्युफैक्चरिंग की कमियों को इसमें संबोधित किया गया है.

सर्विस सेक्टर पर स्टैंडिंग कमेटी

सर्विस सेक्टर पर फोकस रखते हुए वित्त मंत्री ने इसे लेकर एक स्टैंडिग कमेटी की घोषणा की है क्योंकि सर्विस सेक्टर किसी एक मंत्रालय से नियंत्रित नहीं किया जाता है. भारत सरकार इस सेक्टर को ऐसे नहीं देखती है कि यह केवल भारत की जरूरतों को पूरा नहीं करता, बल्कि बाकी दुनिया से भी जुड़ा है. सरकार ने इसे लेकर एक स्पष्ट लक्ष्य रखा है. लक्ष्य ये रखा गया है कि ग्लोबल आउटपुट का 10 फीसद भारत से पूर्ति हो और भारत को इस सेक्टर में ग्लोबल हब बनाया जाए.

सरकार क्या पहल कर रही है…?

हमने कई पहल की है. पांच मेडिकल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है. यह मेडिकल टूरिज्म को ध्यान में रख कर रखा गया है और हमने भारत के अलावा पूरी दुनिया को मेडिकल सर्विस देने का लक्ष्य रखा है. पांच यूनिवर्सिटी सिटी की घोषणा की गई है. हम भारतीय शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण करना चाहते हैं. पर्यटन में कई पहल किए गए हैं. आयुष में तीन भारतीय संस्थान होंगे.

इसके अलावा ऑरेंज इकॉनमी की बात की गई है. यहां फोकस में मुंबई स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के साथ 15 हजार स्कूल, 500 कॉलेज होंगे जो क्रिएटिव इकॉनमी के लैब्स को बढ़ावा देंगे.

इसके साथ ही सर्विस सेक्टर में टैक्स रिफॉर्म पर भी बहुत ध्यान दिया गया है. डायरेक्ट टैक्स के कई नियमों को अपराध मुक्त किए जाने की बात की गई है.

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