स्मित मच्छार को अशोक चक्र से किया जाए सम्मानित, ABVP की PM मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार से मांगAshok Chakra for Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में 180 यात्रियों की जान बचाने और बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के लिए एबीवीपी ने अशोक चक्र की मांग की है। ईटानगर में दो दिवसीय बैठक के बाद केंद्र सरकार से स्मित मच्छार को यह सम्मान देने की मांग रखी गई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस को सराहते हुए अशोक चक्र से सम्मानित किया जाए। ईटानगर में दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक के बाद सर्वसम्मति से स्मित मच्छार के लिए एबीवीपी ने पीएम माेदी की अगुवाई वाली सरकार से अशोक चक्र देने की मांग की। गौरतलब हो कि अशोक चक्र भारत का शांति के समय दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता सम्मान है, जो युद्ध क्षेत्र से बाहर असाधारण वीरता, साहस या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह युद्धकालीन सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र के समकक्ष माना जाता है। वर्ष 2026 तक यह सम्मान कुल 87 व्यक्तियों को दिया जा चुका है।
स्मित मच्छार के साहस पर चर्चा

ईटानगर में एबीवीपी की बड़ी बैठक में छात्र संघ चुनावों में जीत पर चर्चा हुई, लेकिन एबीवीपी की दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक स्मित मच्छार के अदम्य साहस की चर्चा हुई। उन्हें जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मांग की कि स्मित मच्छार का अशोक चक्र दिया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयास को देखते हुए उन्हें अशोक चक्र दिया जाना चाहिए।




