ज़मीन पर जगह बहुत हैऔर ये कायनात भी बहुत बड़ी हैबस दिलों में जगह होनी चाहिये कायनात का हर जीव चाहे वह चरिंद हो या परिंद इंसान हो या रेंगने वाला दरख़्त हो या पौधा सब जीना चाहते हैं सब यही चाहते हैं कि उन्हें जो जीवन चक्र मिला है उसे पूरा कर सकें अगर हम एक दूसरे को रास्ता दें तो ये ज़िंदगी खुशियों से भरपूर हो सकती है
ज़िंदगी जीने के क़ाबिल है अगर हम दूसरों को भी ज़िंदगी का उतना ही हक़ दें जितना हम अपने लिये चाहते हैं !!