मुक्केबाजी के महिला वर्ग में जैस्मीन लैंबोरिया, प्रीति पवार, प्रिया घंघास, साक्षी चौधरी और अरुंधती चौधरी ने स्वर्ण पदक हासिल किये। पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण जीता। लवलीना बोरगोहेन ने महिला वर्ग के 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। पुरुष वर्ग में, जदुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल उप-विजेता रहे। भारत के जूडो खिलाड़ियों ने भी चार पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ भारतीय प्रदर्शन है। हर्ष सिंह और अस्मिता डे भारत के पहले जूडो स्वर्ण पदक विजेता बने।

यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य जीता। पैरा-एथलीटों ने तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

सोमन राणा ने पुरुषों के F57 पैरा शॉटपुट में स्वर्ण जबकि शुभम जुयाल ने रजत पदक जीता। पांच हजार मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया। राष्ट्रमंडल खेलों में यह कारनामा करने वाले वे पहले भारतीय हैं। गुलवीर सिंह ने दस हज़ार मीटर में भी रजत पदक जीता। एक ही राष्ट्रमंडल खेल में, दो पदक जीतने वाले वे पहले भारतीय हैं। पदक-तालिका में भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य के साथ कुल फिलहाल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर है। स्कॉटलैंड में, ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन आज जूडो में तीन भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। पुरुषों के 100 किलोग्राम वर्ग में अवतार सिंह, सौ से अधिक किलोग्राम वर्ग में यश घंगास और महिलाओं के 78 किलोग्राम वर्ग में इश्रूप नारंग खेलेंगे।
ट्रैक साइक्लिंग में, पुरुषों की एक हज़ार मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में रोनाल्डो लैतोंजाम हिस्सा लेंगे।

आज ही पैरा ट्रैक साइक्लिंग स्पर्धाएं भी हैं।खेलों के समापन समारोह के दौरान आज देर रात अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रमंडल खेल ध्वज और होस्ट बैटन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर अहमदाबाद 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी संभालेगा। अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेल इस बहु-खेल प्रतियोगिता के शताब्दी वर्ष का प्रतीक होंगे।




