भारत कल से शुरू होने वाली दो दिन की ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर करेंगे। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इस हाई लेवल बैठक में भाग लेने के लिए रूस, ईरान समेत ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री और उनके वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन हो रहा है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका , मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया के विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए जल्द ही नई दिल्ली पहुंच सकते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड ओजी लामोला मंगलवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं तेहरान ने भारत सरकार को सूचित किया है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची 14-15 मई को होने वाली बैठक में शामिल होंगे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति में परिवर्तन होने पर उनकी योजना बदल सकती है। बैठक में शामिल होने लिए इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात की ओर से उप-विदेश मंत्री स्तर के प्रतिनिधित्व होने की उम्मीद है, जबकि चीन के शेरपा के प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की उम्मीद है।
इस दौरान वह अपने समकक्ष एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। वहीं चीन ने मंगलवार को कहा कि उसके विदेश मंत्री वांग यी व्यस्तता के कारण नयी दिल्ली में होने जा रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल नहीं होंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यहां मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि उनकी जगह भारत में चीन के राजदूत शी फीहोंग बैठक में शामिल होंगे। हालांकि, चीनी मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत के ‘ब्रिक्स’ की अध्यक्षता करने का चीन समर्थन करता है।
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14 मई की सुबह 10 बजे विदेश मंत्रियों का आगमन भारत मंडपम में होगा।
इसके बाद 10.30 बजे पहले सेशन की शुरुआत होगी। फिर दिन के 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘सेवा तीर्थ’ में सभी मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात होगी। इसके बाद 3.10 बजे दूसरे सेशन की शुरुआत होगी। फिर शाम 7 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में ही डिनर का आयोजन किया जाएगा। समिट के अगले दिन, 15 मई को, सुबह 10 बजे तीसरे सेशन की शुरुआत होगी।
इससे पहले 13वां ब्रिक्स समिट 9 सितंबर 2021 को भारत में हुआ था। इसका थीम ‘ब्रिक्स 15: कंटिन्यूटी, कंसोलिडेशन और कंसेंसस के लिए इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग’ था। नेताओं ने नई दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाया, जिसने ब्रिक्स की 15वीं सालगिरह को मार्क किया और मल्टीलेटरल सिस्टम में सुधार, काउंटर-टेररिज्म को-ऑपरेशन, एसडीजी को पाने के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ाने पर जोर दिया। भारत ने ब्रिक्स के काम करने के तरीकों को आसान बनाया, बातचीत को आसान और ज्यादा एक्सेसिबल बनाया और डिजिटल स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन और पहली जल मंत्रियों की बैठक जैसे नए मंत्री स्तर के ट्रैक शुरू किए।




