आईआईएससी बेंगलुरु प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्राध्यापकों का सम्मान

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रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में चार सहायक प्राध्यापकों की उल्लेखनीय उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के विज्ञान संकाय के 120 प्राध्यापकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 23 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के कौशल विकास केंद्र, चल्लकेरे परिसर में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. गोवर्धन व्यास (रसायन शास्त्र), डॉ. हेमलाल साहू (गणित), डॉ. लखपति पटेल (भौतिकी) एवं डॉ. अनिल रामटेके (प्राणीशास्त्र) ने सहभागिता की। इनमें से तीन सहायक प्राध्यापकों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अलग अलग श्रेणियों में “श्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता प्रतिभागी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया, जिससे महाविद्यालय का गौरव बढ़ा।

कार्यक्रम के दौरान प्राध्यापकों ने अपने-अपने अनुभव साझा किये।

डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रायोगिक कार्यों को अत्यंत बारीकी से सिखाया गया.

बारीकी से सीखकर प्राध्यापकों ने इस विशेष प्रशिक्षण के दौरान बताया कि, रसायन शास्त्र के पठन-पाठन में एक नया आयाम जुड़ा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रशिक्षण में समस्याओं की बजाय समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ व्यास ने उच्च शिक्षा आयुक्त महोदय के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. हेमलाल साहू ने कहा कि गणित को अधिक रोचक एवं सार्थक तरीके से प्रस्तुत करने की नई विधियां सीखने को मिलीं और प्रशिक्षण में अनुशासन तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग को विशेष रूप से उपयोगी बताया। वहीं डॉ. लखपति पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण में भौतिकी के प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक पक्षों के बीच संतुलन एवं सामंजस्य को समझाया गया तथा समय की पाबंदी को उन्होंने इस प्रशिक्षण की एक महत्वपूर्ण विशेषता बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने की।

“श्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता प्रतिभागी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया, जिससे महाविद्यालय का गौरव बढ़ा।

उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राध्यापकों की यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और निरंतर उत्कृष्टता का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वासुदेव साहसी द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, अनुशासन एवं शिक्षण कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं। अंत में डॉ. कीर्तन साहू ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर डॉ. मंजू वर्मा (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक) एवं डॉ. अखिलेश जाधव (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग प्रभारी) सहित महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा। महाविद्यालय परिवार ने सम्मानित प्राध्यापकों को शुभकामनाएं देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।

(डाॅ.अंजलि भटनागर) प्राचार्य

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