एस जयशंकर जाएंगे, रूस की यात्रा पर क्या है उनके इस दौरे का मकसद

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस की यात्रा पर जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच विदेश मंत्री की रूस यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।

वैश्विक राजनीति बीते कुछ समय में सबसे ज्यादा उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। बीते कुछ समय से रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-गाजा जंग, इजरायल-ईरान जंग और भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य झड़प के अलावा कई अन्य घटनाओं ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसके बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया। उन्होंने अचानक से पाकिस्तान का समर्थन करना शुरू कर दिया है और भारत पर टैरिफ लगा दिए हैं। इस उथल-पुथल के दौर के बीच अब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस का दौरा करने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्या होगा उनकी इस यात्रा का शेड्यूल।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूसी तेल को खरीदने के लिए भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। वैश्विक कूटनीति के एक संवेदनशील दौर में विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।

क्यों हो रही है जयशंकर की रूस यात्रा…..?


रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल से एस जयशंकर के रूस आने की जानकारी दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा- “21 अगस्त को, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मास्को में वार्ता करेंगे। दोनों मंत्री द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख मुद्दों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ढांचे के भीतर सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा करेंगे।”

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूसी तेल को खरीदने के लिए भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। वैश्विक कूटनीति के एक संवेदनशील दौर में विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। कुछ ही दिनों पहले भारत के NSA अजीत डोवल ने भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। आपको बता दें कि भारत ने अमेरिकी दवाब के आगे झुकने से इनकार कर दिया है और रूस से तेल खरीदना जारी रखा है।

पीएम मोदी ने की थी पुतिन से बात


बीते शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ विस्तृत बातचीत की थी। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन की स्थिति को लेकर चर्चा हुई थी। बातचीत में पीएम मोदी ने शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में भारत के अडिग रुख की पुष्टि की थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली वार्ता का भी स्वागत किया है।

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