मोदी कैबिनेट ने किन प्रोजेक्टों के लिए खोला खजाना कैबिनेट से मंजूर

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14 फरवरी 2026/ नोएडा मेट्रो विस्तार, स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़… मोदी कैबिनेट ने किन प्रोजेक्टों के लिए खोला खजाना कैबिनेट से मंजूर प्रस्तावों में स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 की स्थापना, एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष को मंजूरी, दिल्ली-अंबाला समेत 3 रेलवे प्रोजेक्ट और नोएडा में एक्वा मेट्रो विस्तार के प्रोजेक्ट शामिल हैं. आइये विस्तार से जानते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों की मंजूरी दी गई.

शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इनकी जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रस्तावों में 10 हजार करोड़ रुपये से स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की स्थापना, एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष को मंजूरी, दिल्ली-अंबाला समेत 3 रेलवे प्रोजेक्ट और नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को सेक्टर 142 से बोटेनिकल गार्डन तक बढ़ाने को हरी झंडी शामिल है.

स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 के लिए 10 हजार करोड़

भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की स्थापना को मंजूरी दी है. इसके लिए कुल 10 हजार करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया गया है. इसका मकसद देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वेंचर कैपिटल जुटाना है. इससे घरेलू पूंजी जुटाकर, वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाकर और देश भर में इनोवेशन बेस्ड उद्यमिता को समर्थन देकर भारत के स्टार्टअप कल्चर के अगले चरण में रफ्तार देना है.

बताया गया कि 2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरूआत के बाद से, भारत की स्टार्टअप व्यवस्था में असाधारण बदलाव आया है. पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जो बढ़कर 2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स तक पहुंच गया है. 2025 में तो सबसे ज्यादा स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन हुए थे. एफएफएस 1.0 के तहत 10 हजार करोड़ रुपए की राशि 145 वैकल्पिक निवेश फंडों को आवंटित की गई थी. इन समर्थित एआईएफ ने देश भर के 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में 25,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया है.

शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़

केंद्रीय कैबिनेट ने शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) को मंजूरी दी है, जिसके तहत शहरों में उच्च गुणवत्ता वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए एक लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता दी जाएगी. शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना की लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय सहायता के रूप में दिया जाएगा, बशर्ते परियोजना लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार से जुटाया जाए.

कैबिनेट ने बताया कि शहरी चुनौती कोष शहरों में उच्च गुणवत्ता वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए बाजार पूंजी, निजी भागीदारी और नागरिक केंद्रित सुधारों का लाभ उठाएगा. इसका मकसद लचीले, उत्पादक, समावेशी और जलवायु अनुकूल शहरों का निर्माण करना है ताकि ये शहर देश के आर्थिक विकास को अगले चरण में ले जा सकें. इससे अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में चार लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा.

बोटेनिकल गार्डन तक जाएगी एक्वा नोएडा मेट्रो

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है. इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के चालू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 किलोमीटर का मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा. ये कॉरिडोर बॉटेनिकल गार्डन (ब्लू लाइन) और मैजेंटा लाइन पर इंटरचेंज कॉरिडोर से जुड़ेगा. यह मेट्रो लाइन बोटैनिकल गार्डन से शुरू होकर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर चलेगी. इसमें नोएडा सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-97, सेक्टर-105, नोएडा सेक्टर-108, सेक्टर-93 और सेक्टर-142 स्टेशन होंगे.

असम में नदी के नीचे एकसाथ दौड़ेगी रेल और कारें

18,662 करोड़ की लागत से एनएच-15 पर गोहपुर से नुमालीगढ़ तक 4-लेन के हाइवे को भी मंजूरी दी है, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किलोमीटर लंबी रेल-रोड टनल भी बनाई जाएगी. ये भारत की पहली और दुनिया की दूसरी ऐसी टनल होगी, जहां सड़क और रेल मार्ग एक साथ पानी के नीचे से गुजरेंगे. नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच की दूरी अभी करीब 240 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 6 घंटे लगते हैं. नई टनल से ये सफर काफी छोटा हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट असम के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा.

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में 18,509 करोड़ रुपए (अनुमानित) की लागत वाले तीन रेलवे प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दी गई. इसके तहत दिल्ली–अंबाला (तीसरी व चौथी रेल लाइन), कसारा–मनमाड (तीसरी व चौथी लाइन) और बल्लारी–होसपेटे (तीसरी व चौथी लाइन) तैयार की जाएगी.

सीसीईए ने बताया कि यह तीन रेलवे प्रोजेक्ट दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों से होकर गुजरेंगे. इनसे भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 389 किलोमीटर बढ़ जाएगा. इन प्रोजेक्टों से 3,902 गांवों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और करीब 97 लाख लोगों को फायदा होगा. ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाए गए हैं, जिनसे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही बढ़ेगी.

बताया गया कि इन रेल प्रोजेक्टों से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा. इनमें भावली बांध, श्री घाटंदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी कटरा और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी, बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बियर अभयारण्य, तुंगभद्रा बांध, केंचनागुड्डा और विजया विट्टला मंदिर आदि प्रमुख हैं.

गुजरात में एनएच-56 बनेगा फोर-लेन 

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने गुजरात में एनएच 56 के धमासिया-बिटदा और मूवी एवं नासरपोर-मालोथा हिस्से को फोर लेन में अपग्रेड करने की भी मंजूरी दी है. इसकी कुछ लागत 4,583.64 करोड़ रुपए होगी. सीसीईए के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 107.67 किलोमीटर होगी. इससे एनएच-56 से लगभग 11 किलोमीटर दूर केवडिया गांव में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक आने-जाने में आसानी होगी. यहां 100 किमी/घंटा की रफ्तार से वाहन चल सकेंगे और यात्रा का समय 2.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा.

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